Shorts Videos WebStories search

कलेक्टर का जिला चिकित्सालय Dindori का आकस्मिक दौरा 9 डॉक्टर सहित 24 कमर्चारियों को जारी हुआ शोकाज नोटिस

Content Writer

whatsapp

जिला चिकित्सालय डिंडौरी में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, चिकित्सकों की अनाधिकृत अनुपस्थिति एवं ड्यूटी के दौरान निजी क्लीनिक संचालन की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित कराना था।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ओपीडी, इमरजेंसी, डॉक्टर कक्ष, दवा वितरण कक्ष, प्रसूति कक्ष, पुरुष एवं महिला वार्ड, एनआरसी, सिटी स्कैन, एक्स-रे, लैब, आयुष्मान कार्ड कक्ष, दंत चिकित्सा एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ कक्ष सहित सिविल सर्जन कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कई चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में स्टाफ नर्स अपने कर्तव्य स्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए।

आकस्मिक निरीक्षण के पश्चात उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया गया, जिसमें कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हस्ताक्षर निर्धारित तिथियों पर दर्ज नहीं पाए गए। इस पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश सिंह मरावी, डॉ. अरूनेन्द्र मूर्ति गौतम, डॉ. मिनी मोरवी, डॉ. डी.के. रंगारे, डॉ. धनराज सिंह, डॉ. अजय राज (सिविल सर्जन/मुख्य अधीक्षक), डॉ. कन्हैया बघेल, डॉ. शिवम परोहा, डॉ. अमित जैन सहित 24 स्टाफ नर्सों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित डॉक्टरों एवं स्टाफ नर्सों का यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है। सभी को निर्देशित किया गया है कि वे दिनांक 29 दिसंबर 2025 को सायं 6:00 बजे तक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में वेतन कटौती सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत गोयरा निवासी श्री सूरजलाल, जो चार दिनों से पुरुष वार्ड में भर्ती थे, ने इलाज एवं डॉक्टर राउंड न होने की शिकायत की। कलेक्टर के हस्तक्षेप पर तत्काल चिकित्सक को बुलाकर उपचार प्रारंभ कराया गया और पूर्ण स्वस्थ होने तक अस्पताल में भर्ती रहने के निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार, श्रीमती दीपाली खांडे अपने 9 माह के बच्चे का टीकाकरण कराने के लिए कई दिनों से परेशान पाई गईं। वैक्सीन प्रभारी के अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। आयुष्मान कार्ड कक्ष में भी अव्यवस्थाएं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की गई।

कलेक्टर ने सिविल सर्जन सहित अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद नागरिक विश्वास के साथ इलाज के लिए अस्पताल आते हैं, लेकिन लापरवाही के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक हो रही है। भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण कर बच्चों एवं पालकों से चर्चा की गई। पोषण आहार, दवाइयों की एक्सपायरी, साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निर्माणाधीन कार्यों का भी निरीक्षण कर उपयंत्री को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के उपस्थित रहे।

हमें बेहद उम्मीद है की खबर आपको पसंद आई होगी। इस खबर को अपने दोस्तों और परिवारजनों सहित व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर करें।

डिंडौरी
Content Writer

संजय विश्वकर्मा खबरीलाल न्यूज़ पोर्टल हिंदी में कंटेंट राइटर हैं। वे स्टॉक मार्केट,टेलीकॉम, बैंकिंग,इन्सुरेंस, पर्सनल फाइनेंस,सहित वाइल्ड लाइफ से जुड़ी खबरें लिखते हैं।संजय को डिजिटल जर्नलिज्म में 8 वर्ष का अनुभव है।आप संजय से 09425184353 पर सम्पर्क कर सकते हैं।