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यहाँ गुरुत्वाकर्षण का नियम हो जाता है फेल चढ़ता है पहाड़ों में पानी न्यूट्रल गाड़ी भी चढ़ जाती है पहाड़

मेनपाट छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। इसे छत्तीसगढ़ का शिमला भी कहा जा सकता है। यहां पर्यटकों को आकर्षित करने वाली जगह है ‘उल्टा पानी’। यहां पानी का बहाव नीचे की ओर नहीं बल्कि ऊपर की ओर यानी ऊंचाई की ओर होता है। यहां सड़क पर खड़ा एक न्यूट्रल वाहन 110 मीटर तक ऊपर की ओर बढ़ता है।

मैनपाट के इस स्थान पर गुरुत्वाकर्षण बल से भी अधिक प्रभावी चुंबकीय क्षेत्र होता है, जो पानी या वाहन को ऊपर की ओर खींचता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, देशभर में ऐसी 5 और दुनिया भर में 64 जगहें हैं।

कितने बल प्रभावी यह शोध का विषय

 ‘‘पानी ऊपर की दिशा में बहे, ऐसा तभी संभव है, जब उस स्थान पर कोई ऐसा बल हो, जो वहां प्रभावी गुरुत्वाकर्षण बल से भी अधिक हो। यह पानी को ऊपर खींच सकता है। उल्टा पानी वाली जगह पर ऐसे कई तत्व हो सकते हैं, जो गुरुत्वाकर्षण बल से ज्यादा ताकतवर हैं। हालांकि यह शोध का विषय है।’’

“पानी केवल तभी ऊपर की दिशा में बह सकता है जब उस स्थान पर कोई ऐसा बल हो जो गुरुत्वाकर्षण के प्रभावी बल से अधिक हो। यह पानी खींच सकता है. इसके विपरीत पानी में कई ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो गुरुत्वाकर्षण बल से भी अधिक शक्तिशाली हों। हालाँकि, यह एक शोध का विषय है।

भारत में हैं पांच प्रमुख स्थान

  • तुलसी श्याम अमरेली, गुजरात
  • कालो डुंगर कच्छ-गुजरात
  • उल्टापानी, मैनपाट, छत्तीसगढ़
  • लेह, लद्दाख
  • जोगेश्वरी विकरौली लिंक रोड, मुंबई

पहले लोग मानते थे भूतप्रेत का साया अब दूर-दूर से देखने पहुंचते हैं लोग

मैनपाट के मौजूदा पर्यटन अधिकारी सुरेंद्र वर्मा बताते हैं, ‘‘सालों पहले लोग इसे भूतप्रेतों का साया मानते थे और यहाँ आने से काफी डरते थे लें  पर्यटन विभाग के प्रचार के बाद लोगों में जागरुकता बढ़ी। इसके बाद इस जगह को देखने के लिए लोग दूर-दूर से मेनपाट पहुंचते हैं। आपको बता दें कि मेनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला भी कहा जाता है। यहां प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलती है. जब आप पानी के अंदर जाएंगे तो यहां पानी के साथ-साथ गाड़ियां भी नीचे की बजाय ऊपर की ओर जाती हुई नजर आएंगी। जैसे ही आप गाड़ी को न्यूट्रल मोड में पार्क करेंगे तो आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा। कार अपने आप ऊपर की ओर जाती हुई दिखाई देगी।

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