MP Alert : मौसम केंद्र भोपाल के द्वारा 21 मार्च की दोपहर अगले 24 घंटे के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में मौसम बदल चुका है। शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग जहां गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं किसानों के माथे में चिंता की लकीरें भी खींच चुकी है। खेतों में फैसले खड़ी हुई है बारिश के कारण किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
पिछले 24 घंटो के दौरान प्रदेश का हाल
भोपाल, नर्मदापुरम, सागर संभागों के जिलों में कहीं कहीं व रीवा, जबलपुर संभागों, के जिलों में कुछ स्थानो पर और शहडोल संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा ।
वे अधिकतम तापमान रीवा संभाग के जिलों में कल की तुलना में 4.2 °C विशेषरूप से गिरे
वे उज्जैन, शहडोल संभागों के जिलों में कल की तुलना में 2.0 2.4 °C काफी गिरे एवं शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ ।
वे रीवा संभाग के जिलों में सामान्य से 5.0°C विशेषरूप से कम रहे।
वे शहडोल, सागर संभागों के जिलों में सामान्य से 1.8-2.5 °C कम रहे ।
वे नर्मदापुरम संभाग के जिलों में सामान्य से 1.8 °C अधिक रहे एवं शेष सभी संभागों के जिलों में सामान्य रहे।
न्यूनतम तापमान भोपाल संभाग के जिलों में कल की तुलना में 3.1 °C काफी गिरे एवं शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ ।
वे भोपाल संभाग के जिलों में सामान्य से 2.2 °C कम रहे
वे इंदौर, नर्मदापुरम, रीवा, जबलपुर संभागों के जिलों में सामान्य से 1.6 2.8 °C अधिक रहे
वे शहडोल संभाग के जिलों में सामान्य से 4.1 °C काफी अधिक रहे एवं शेष सभी संभागों के जिलों में सामान्य रहे ।के प्रमुख आंकड़े (मिमी में) ब्योहारी 87.0, ढीमरखेड़ा 30.0, मानपुर 22.5, मझौली 21.4, चंदिया 19.8, देवसर 15.1, कोतमा 15.0, बड़वारा 15.0, उमरियापान 13.4, मझौली 12.0, सिहोरा 11.4, करकेली 9.8, जबेरा 9.0. जयतपुर 9.0, कुसमी 9.0, स्लीमानाबाद 8.0, नौरोजाबाद 7.6, रामपुर 6.5, बरगी 6.4, उमरिया 6.3, सरई 6.2, चित्रंगी 6.0, बरही 5.0, बकाल 5.0, जयसिंहनगर 5.0, तेंदूखेड़ा- दमोह 4.6, माड़ा 4.5, सिहावल 4.2. पाली 4.2, कटनी 4.0, बिलहरी 4.0, गोहपारू 4.0, बरहाई 3.6, सिंगौड़ी 3.3. सिंगरौली 3.3. चांद 3.2, सिवनी 3.2, बहोरीबंद 2.8, अनूपपुर 2.6, पुष्पराजगढ़ 2.4, हर्राई 2.4, मेहंदवानी 2.4, शाहपुरा-डिंडोरी 2.4, बेनीबारी 2.2, बिलासपुर 2.2, जैतहरी 2.0, समनापुर 2.0, रीठी 2.0, विजयराघवगढ़ 2.0, अमरपाटन 2.0, शाहनगर 2.0, छपारा 2.0, बुढ़ार 2.0, सोहागपुर-शहडोल 2.0, निवास 1.6, बिजाडंडी 1.4, सिधी 1.4, रहली 1.2, तमिया 1.0, दमोह 1.0, मैहर 1.0, नैनपुर 1.0, मंडला 1.0, नारायणगंज 1.0, घंसौर 1.0, चुरहट 1.0, आमला 0.9, रीवा-शहर 0.7, सिलवानी 0.3
ओलावृष्टि के प्रमुख आंकड़े (जिला)
जबलपुर, कटनी, उमरिया, सीधी एवं मंडला ।
झोंकेदार हवाएँ / आंधी (किमी / घंटा)
मंडला 47, सिंगरौली 34, सिवनी 34, जबलपुर 32, सागर 28, शहडोल 26 ।
वज्रपात / झंझावात (जिला)-
पश्चिमी मध्यप्रदेश-अशोकनगर, नर्मदापुरम, बैतूल। पूर्वी मध्यप्रदेश – सभी 23 जिलो में निवाड़ी के अलावा।
सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियांपश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक ट्रफ़ के रूप जिसकी धुरी माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी ऊंचाई पर 74° पूर्वी देशांतर व 32 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में अवस्थित है।
मध्य प्रदेश के मध्य भागों पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी ऊंचाई पर अवस्थित है।
एक ट्रफ़ / हवा का असंतुलन अब दक्षिण छत्तीसगढ़ से दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक तक औसत माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी ऊंचाई है।
24 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारें
नर्मदापुरम, बैतूल, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मैहर, पांढुर्णा ,अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला जिलों में।
Orange Alert
वज्रपात / झंझावात / झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी/घंटा) /
ओलावृष्टि अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला जिलों में।
Yellow Alert
वज्रपात / झंझावात / झोंकेदार हवाएं (30-40 किमी/घंटा)
नर्मदापुरम, बैतूल, दतिया, भिंड, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पांढुर्णा, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर जिलो में।
सुझाये गए कार्य –
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें।
- सुरक्षित आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा तूफ़ान के दौरान जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें।
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें।
- इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें एवं उन सभी वस्तुओं से दूर रहें जो बिजली का संचालन करती हैं।
- जानवरों को खुले पानी, तालाब या नदी से दूर रखें। रात के समय पशु को खुले स्थान पर न रखें।
पशुओं का विशेष ध्यान रखें, पशुओं को विशेष संरक्षित एवं सुरक्षित पशु शेड में रखें। सभी जानवरों को रात के दौरान विशेष रूप से संरक्षित और सुरक्षित पशु शेड में रखा जाना चाहिए। इसके अलावा, दोपहर के समय खेत के जानवरों को खुली चराई की अनुमति न दें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नज़र रखें।
आपातकालीन किट में आवश्यक वस्तुएं जैसे कि जल्दी खराब न होने वाला भोजन, पानी, दवाइयां, टॉर्च, बैटरी और प्राथमिक चिकित्सा किट रखें।
परिवहन व्यवस्था सहित निकासी के तरीके के बारे में पहले से योजना बना लें
वेक्टरजनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकिनगुनिया से बचाव हेतु प्रशासन द्वारी जारी निर्देशों का पालन करे।
कृषकों के लिए विशेष सलाह
कृषको को सलाह दी जाती है की 19 मार्च, 2025 से होने वाली वर्षा की गतिविधियों को देखते हुए वे खेतो में चल रही कटाई गतिविधियों को 3 दिनों के भीतर पूरा कर लें एवं कटाई की गई फसलों को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करें। यदि अभी तक खेत में खड़ी फसलों की कटाई की गतिविधियाँ शुरू नहीं हुई है तो उसे एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दें।
फसल के फूलने और बीज बनने के चरणों में ओलावृष्टि के कारण नुकसान हो सकता है (गेहूँ, चना, सरसों)। जहाँ तक संभव हो, फसल की कटाई को तेज करें और फसलों की सुरक्षा के लिए जाली या तार की बाड़ लगाएं, साथ ही खेत की जलनिकासी को बेहतर बनाएं और मिट्टी को स्थिर करने के लिए मल्च का उपयोग करें।
फलदार फसलों (आम, पपीता, केला) में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फूल और छोटे फल गिर सकते हैं, साथ ही शाखाओं और पत्तियों को भी नुकसान हो सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
ओलावृष्टि के प्रभाव से बचाने के लिए प्लास्टिक शीट्स या कृषि-जाल का उपयोग करें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधे और उन्हें कवर किए गए शेड में रखें।