सत्ताधारी दल में पदाधिकारी बनने के बाद सत्ता की हनक का असर ऐसा पड़ता है कि कुछ छोटे बड़े पदाधिकारी खुद को प्रशासनिक अधिकारी से कमतर नही समझते। हालांकि समझना भी चाहिए क्योंकि सत्ता का घमंड सही और गलत के फर्क को मिटा देता है।
खबर पढ़ने से पहले देश के जाने माने कवि कुमार विस्वास की चंद लाइनों पर आपकी नजरें इनायत खूब जरुरी है।
हनक सत्ता की सच सुनने की आदत बेच देती है,
हया को,शर्म को आख़िर सियासत बेच देती है,
निकम्मेपन की बेशर्मी अगर आँखों पे चढ़ जाए,
तो फिर औलाद, “पुरखों की विरासत” बेच देती है !
ताजा मामला मध्यप्रदेश के उमारिया जिले का है जहां जिले के बिलासपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी ने 13 जनवरी दिन मंगलवार की साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान अपने लेटर हेड में जनसुनवाई लिखकर शिकायत की है।
पहले पढ़ लीजिए क्या शिकायत की गई है –
जन सुनवाई
श्रीमान् कलेक्टर महोदय, जिला उमरिया म०प्र०
मातेश्वरी स्व सहायता समूह खरीदी केन्द्र बिलासपुर के प्रभारी श्रीमती सरोज सोनी के द्वारा किसानों के साथ भारी अनियमितता कर खरीदी मामले में भारी भ्रष्टाचार करने के संबंध में एवं प्रभाती को हटाये जाने चावत्।
विषयांतर्गत लेख है कि भाजपा मण्डल बिलासपुर अंतर्गत खरीदी केन्द्र में श्रीमती सरोज बाई प्रभारी है उनके द्वारा किसानों से धान खरीदी में भारी अनियमितता कर किसानों का शोषण किया जा रहा है जो निम्नांकित है:-
1. यह कि प्रभारी सरोज सोनी के द्वारा किसानों से तुलाई व सिलाई के नाम पर प्रति बोरी 10/- व क्विटंल में 25 प्रति क्विंटल लिया जा रहा है।
2 यह कि प्रभारी सरोज सोनी के द्वारा तुलाई मापदण्ड 40.600 किलोग्राग निर्धारित है लेकिन इनके द्वारा किसानों से 42-45 किलो तक प्रति किसानों से लिया जाता है।
3. यह कि सरोज सोनी के पति प्रेमचंद्र सोनी के द्वारा धर्मकाटा में प्रति ट्रिप तुलाई कार्य में 500/- से 1000/- प्रति किसानों से वसूल किया जाता है।
4. यह कि यदि क्षेत्र के पंजीकृत किसानों के समक्ष इसकी जांच की जाये मातेश्वरी स्व सहायता समूह का सारा भ्रष्टाचार उजागर होगा।
यह कि जब भी मैं मंडल अध्यक्ष पुष्पेन्द्र सोनी के द्वारा जब प्रभारी सरोज सोनी से मौखिक पूंछताछ करने पर सरोज सोनी के द्वारा मुझ पर दबाव बनाने की नियत से मुझ पर ही झूठा अनर्गल आरोप लगा रही है जिससे मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास उसके द्वारा किया गया है।
अस्तु माननीय जी से विनम्र प्रार्थना है कि उपरोक्त विषयों की किसानों के समक्ष सूक्ष्म जांच कराकर दोषी प्रभारी श्रीमती सरोज सोनी को हटाकर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें।
5 -10 हजार में काम नही चलेगा
वही जब शिकायत की जानकारी मातेश्वरी स्व सहायता समूह की महिलाओं को लगी तो वो भी मुखर हो गई है।समूह की अध्यक्ष सरोज सोनी आरोप लगाते हुए कह रहीं है कि मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी के द्वारा लगाए गए आरोप निराधार है। कलेक्टर उमरिया स्वयं आकार मौके पर जांच करें अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो हमें खरीदी केंद्र से हटा दिया जाए। वही उन्होंने बताया कि मंडल अध्यक्ष भाजपा पुष्पेंद्र सोनी के द्वारा मुझे शुक्रवार की रात 9 बजे फोन करके कहा गया कि मैंने आपको खरीदी केंद्र दिलवाया है मुझे पैसे चाहिए लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि 5-10 हजार में काम नही चलेगा।मुझे 50 हजार चाहिए।जब मैंने पैसे देने से मना किया तो उन्होंने शिकायत करना शुरू कर दिया।समूह की सदस्य गौरी बर्मन भी कहती है कि मंडल अध्यक्ष जी की डिमांड जब पूरी नही हुई तो उन्होंने गलत आरोप लगाना शुरू कर दिया है।हम चाहते है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।वही गाँव के सरपंच ज्ञानचंद सोनी भी महिला स्व सहायता समूह के पक्ष में उतर आए है और मंडल अध्यक्ष भाजपा द्वारा की जा रही मांग को ग़लत ठहराया है।इसके साथ कि भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष और वर्तमान में जनपद सदस्य राम प्रताप मिश्रा ने बताया कि भाजपा मंडल अध्यक्ष के द्वारा की गई शिकायत पर जिला प्रशासन जांच करेगा उसके बाद ही आरोपो की पुष्टि हो पाएगी।मध्यप्रदेश शाषन की मंशानुरूप यहाँ सभी व्यवस्थाएँ सही है।
वही इन आरोपो के मामले में जब भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आरोपी बेबुनियाद हैं।मैं पुनः कलेक्टर उमरिया से शिकायत करूंगा।
तो ये रहे आपके सामने आरोप और प्रत्यारोप की पूरी कहानी लेकिन सत्ताधारी दल के नेताओ को जिले की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले यह जरूर सोचना चाहिए कि उनका यह कदम प्रदेश सरकार की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगाता है…
मामले में जिला प्रशासन की जांच के बाद भाजपा मंडल अध्यक्ष और स्व सहायता समूह की महिलाओं के आरोप -प्रत्यारोप की असल सच्चाई सामने आ पाएगी।फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है…..








