IMD Alert : मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे गर्मी का मौसम नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे मौसम गत वर्ष की भांति पुनः बदलता जा रहा है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में बीते कई दिनों से बारिश की अलर्ट जारी किए जा रहे हैं और वर्ष भी कहीं-कहीं दर्ज की जा रही है। बीते अगर 24 घंटे की बात करें तो मध्य प्रदेश की भोपाल नर्मदा पुरम ग्वालियर चंबल जबलपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही अधिकतर संभाग शुष्क बताए गए हैं।
बात अगर तापमान की करें तो शहडोल संभाग के जिलों में वर्तमान मौसम की अनुसार जिस तरह से तापमान होना चाहिए उसे तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस कम देखा गया है। इसके साथ ही रीवा और जबलपुर संभाग के जिले में भी सामान्य तापमान 3.7 से लेकर 4.8 डिग्री सेल्सियस कम बताया गया है। बीते 24 घंटे में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान रतलाम में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान जिले के पचमढ़ी में 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।इसके साथ ही ग्वालियर विदिशा और सागर जिलों में ओलावृष्टि भी हुई है। और सीहोर गुना भोपाल सागर में झोकेदार हवाई भी चली है।
सिनोष्टिक मौसमी परिस्थितियां
- जम्मू और निकटवर्ती क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ औसत माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी ऊंचाई पर, जो अब पछुआ पवनो में एक टूफ के रूप में है, जिसकी धुरी औसत माध्य समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी ऊंचाई पर, 75 डिग्री पूर्वी देशांतर व 32 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में विस्तृत है।
- एक चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण पश्चिम राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रो में माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर सक्रिय है।
- एक चक्रवातीय परिसंचरण पश्चिमी मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रो में माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर सक्रिय है।
- 08 अप्रैल से एक अद्यतन पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
क्या होगा अगले 24 घण्टे का मौसम (सम्भावित पूर्वानुमान)
वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारें
ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, अनुपपुर, शहडोल, डिंडोरी जिलों में ।
वज्रपात / झंझावात / Yellow Alert
ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना जिलों में ।
Shahdol,अनूपपुर,Gwalior सहित इन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी
रखें ये सावधानियां
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें।
- सुरक्षित आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा तूफ़ान के दौरान जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें।
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें।
- इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें एवं उन सभी वस्तुओं से दूर रहें जो बिजली का संचालन करती हैं।
- जानवरों को खुले पानी, तालाब या नदी से दूर रखें। रात के समय पशु को खुले स्थान पर न रखें।
- पशुओं का विशेष ध्यान रखें, पशुओं को विशेष संरक्षित एवं सुरक्षित पशु शेड में रखें। सभी जानवरों को रात के दौरान विशेष रूप से संरक्षित और सुरक्षित पशु शेड में रखा जाना चाहिए। इसके अलावा, दोपहर के
- समय खेत के जानवरों को खुली चराई की अनुमति न दें।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नज़र रखें।
- आपातकालीन किट में आवश्यक वस्तुएं जैसे कि जल्दी खराब न होने वाला भोजन, पानी, दवाइयां, टॉर्च, बैटरी और प्राथमिक चिकित्सा किट रखें।
- परिवहन व्यवस्था सहित निकासी के तरीके के बारे में पहले से योजना बना लें
- वेक्टरजनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकिनगुनिया से बचाव हेतु प्रशासन द्वारी जारी निर्देशों का पालन करे।

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कृषकों के लिए विशेष सलाह
- ग्रीष्मकालीन फसलों के लिए भूमि की तैयारी शुरू करें, हल चलाकर और जैविक खाद का उपयोग करें। खाद्य संकलन और सतत खेती पद्धतियों के माध्यम से मृदा की उर्वरता बनाए रखें।
- खड़ी फसलों और बगानों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुनिश्चित करें, जबकि अधिक पानी देने से बचें। नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई अपनाएं।
- फसलों की नियमित निगरानी करें ताकि कीटों और रोगों का पता चल सके, जहां संभव हो जैव-कीटनाशकों और नीम आधारित समाधानों का उपयोग करें।
- अत्यधिक रासायनिक दवाओं का उपयोग करने से बचें ताकि प्रतिरोधी स्थितियां उत्पन्न न हों।
- पशु शेड्स में स्वच्छ पानी, संतुलित पोषण और उचित वेंटिलेशन प्रदान करें। मौसमी रोगों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण और कृमिनाशक दवाइयां दें।
- मौसम पूर्वानुमान से अपडेट रहें ताकि सिंचाई, फसल कटाई और कीटनाशक उपयोग की योजना बनाई जा सके। संग्रहीत अनाज को नमी और कीड़ों से बचाएं।
- बाजार की प्रवृत्तियों की निगरानी करें ताकि बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सके। कटाई की गई फसल को सही तरीके से संचित करें और फसल बेचने के लिए सरकारी योजनाओं या ऑनलाइन प्लेटफार्मों का पता लगाएं।