MP News : सायबर ठगी के 25 लाख रुपए डकारने के लिए आगरा के बदमाश अमन चौधरी, बंटी किरार व गुना के टैक्सी ड्राइवर हर्षित लूट का कहानी गढ़कर सिविल लाइन थाने पहुंचे तो पुलिस की चार घंटे की पूछताछ में टूट गए।तथ्य सामने आए कि ये वे सायबर ठग हैं जो ऑनलाइन ठगी के रुपयों को अलग-अलग शहरों से निकालकर अपने आंका अभिषेक पंडित को एक प्रतिशत कमीशन लेकर उसके हवाले करते आए हैं। लेकिन गुरुवार अलसुबह 4 बजे अमन व बंटी ने ठगी की रकम को पचाने लूट की फर्जी स्टोरी पर काम किया तो पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस पूरे मामले में सायबर ठगी से लेकर डिजिटल अरेस्ट के अपराध की चेन से जोड़कर चल रही है।
एडीशनल एसपी सुरेंद्र पाल डावर ने गुरुवार शाम 6 बजे खुलाशा किया कि आज सुबह 4 बजे सिविल लाइन पुलिस के पास आर्टिका कार में सवार तीन व्यक्ति सिविल लाइन थाने पहुंचे। उनमें से एक व्यक्ति अमन चौधरी निवासी हाथरस ने खुद को आगरा का निवासी व आलू व्यवसायी बताते हुए शिकायत की कि वह रात 2.30 बजे गुना से आगरा जा रहे थे तभी नेशनल हाइवे पर सिकरौदा नहर के पास उनकी कार को सफेद कार सवार बदमाशों ने टक्कर मारकर रोका और आंखों में मिर्च पावडर डालकर व कट्टा अड़ाकर 25 लाख रुपए लूट ले गए। प्राप्त शिकायत का प्रथमदृष्टया परीक्षण करने पर कार में एक्सीडेंट जैसा कोई डेंट नजर नहीं आया। अमन चौधरी से पूछा गया कि कार के शीशे क्यों खोले तो इसका वह कोई संतोषजनक जबाव नहीं दे पाए। कार सवार लोगों की शिकायत में संदेह महसूस होने पर पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो पाया कि जिस मिर्च पावडर को आंखों में स्प्रे करना बताया गया वह गुना का पैक किया होकर उसका पैकेट कार में मिला। अमन चौधरी के संबंध में गुना व आगरा में पूछताछ करने पर उसके आलू व्यवसायी होने की पुष्टि नहीं हुई। अमन के पास 25 लाख रुपए कहां से कैसे आए इसका वह शाम चार बजे तक कोई हिसाब पेश नहीं कर पाया ।इससे जाहिर हुआ कि अमन चौधरी ने पुलिस के समक्ष 25 लाख रुपए के लूट की फर्जी स्टोरी पेश की है।
सायबर ठग बंटी किरार वाराणसी जेल में 14 महीने की सजा काट चुका है
अमित चौधरी के दूसरे साथी बंटी किरार निवासी बमौरी गुना की हिस्ट्री को पुलिस ने तलाशा तो पता चला कि वह 2024 में सायबर ठगी के अपराध में गिरफ्तार होकर वाराणसी जेल में 14 महीने की सजा काट चुका है। आर्टिका कार का ड्राइवर हर्षित भी सायबर ठगों की स्टोरी में परोक्ष रूप से शामिल पाया गया क्योंकि शाम चार बजे तक उसने भी लूट की स्टोरी पर पुलिस को सचाई से अवगत नहीं कराया। क्योंकि अमित चौधरी, बंटी किरार व हर्षित तीनों मिलकर गुरुवार सुबह 4 बजे सिविल लाइन थाने में 25 लाख की लूट की शिकायत लेकर पहुंचे थे।
कार से मिले 14 एटीएम कार्ड व चार मोबाइल फोन
सिविल लाइन पुलिस ने लूट की शिकायत लेकर थाने आए सायबर ठगों की कार की तलाशी ली तो उसमें गुना में पैक किया गया मिर्च पावडर का पैकेट मिला। कार की मैटी के नीचे से पुलिस 14 एटीएम कार्ड व चार मोबाइल फोन जब्त किए। एटीएम कार्ड किसके हैं इसकी जानकारी सायबर ठग अमित चौधरी व बंटी किरार ने पुलिस को नहीं दी। सायबर ठग अमित व बंटी चाहते थे कि सायबर ठगी के मास्टर माइंड अभिषेक पंडित को दिए जाने वाली 25 लाख रुपए की रकम काे डकारने के लिए मुरैना में लूट का एफआईआर दर्ज कराकर अभिषेक पंडित को पकड़ा दी जाए लेकिन उससे पहले अमित, बंटी व हर्षित खुद पकड़े गए।
मुरैना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल डावर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि लूट की शिकायत लेकर आए अमित चौधरी व बंटी किरार के बयानों में पूछताछ के दौरान विरोधाभास सामने आया इससे लूट को लेकर संदेह पैदा हुआ।तस्दीक में अमित आलू व्यवसायी नहीं पाया गया। बंटी किरार के खिलाफ बनारस में सायबर फ्रॉड का अपराध पंजीबद्ध होने की जानकारी मिली है। खुद के बयानों ने अमित व बंटी की स्टोरी को संदेहास्पद बनाया है। पुलिस विस्तार से पड़ताल कर रही है।








