मेरा पैसाव्यापार

7th Pay Commission : सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी मार्च में बदल जाएगा महंगाई भत्ते का फार्मूला जानिए नई अपडेट

7th Pay Commission 2024 : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है मार्च से महंगाई भत्ते का फार्मूला पूरी तरीके से बदल जाएगा यानी अभी जो 46 परसेंट महंगाई भत्ता मिल रहा है उसमें 4% का इजाफा हो जाएगा हालांकि अभी से केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलनी है।

7th Pay Commission 2024 : केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी भरी खबर है। दरअसल जानकारी आ रही है कि केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मार्च के महीने से लगभग 4 फ़ीसदी बढ़ा दिया जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि अब महंगाई भत्ता कल 50 फ़ीसदी तक पहुंच जाएगा। महंगाई भत्ता के बदलने से अब इसका जो कैलकुलेशन है वह भी पूरी तरीके से बदल जाएगा। बता जरा की मार्च के महीने में अब द का कैलकुलेशन एक नए तरीके से ही किया जाएगा। हालांकि जानकारी यह भी आ रही है कि 29 फरवरी से ही महंगाई भत्ते के आंकड़े आने शुरू हो जाएंगे।

केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 46 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है. ताजा AICPI इंडेक्स डेटा से साफ है कि इस बार भी DA में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, इसे अभी केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलनी बाकी है। कर्मचारियों को बढ़े हुए DA का फायदा अप्रैल की सैलरी से मिलेगा. लेकिन, इसे 1 जनवरी 2024 से लागू किया जाएगा. इस बीच अगली तैयारी शुरू कर दी गई है. जनवरी के बाद महंगाई भत्ते में अगली बढ़ोतरी जुलाई 2024 में होगी. इस महंगाई भत्ते की गणना परिवर्तनीय है। क्योंकि 50 फीसदी महंगाई भत्ता के बाद यह शून्य हो जाएगा और नया महंगाई भत्ता 0 से शुरू होगा.

जानिए क्या है महगाई भत्ता

केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को अपने जीवन-यापन के खर्च में सुधार के लिए महंगाई भत्ता (डीए) मिलता है। महंगाई भत्ते की गणना मुद्रास्फीति के अनुपात में की जाती है। कर्मचारी के जीवन स्तर में सुधार के लिए भत्ते के रूप में डीए को वेतन संरचना के हिस्से के रूप में रखा जाता है। केंद्रीय कर्मचारियों और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत दी जाती है। यही संरचना राज्यों पर भी लागू होती है

डीए की गणना आधारों की एक नई श्रृंखला से की जाती है।

श्रम मंत्रालय ने साल 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद महंगाई भत्ते की गणना का फॉर्मूला भी बदल दिया. श्रम मंत्रालय ने 2016 में महंगाई भत्ते का आधार वर्ष बदल दिया और वेतन दर सूचकांक (डब्ल्यूआरआई-वेज रेट इंडेक्स) की एक नई श्रृंखला जारी की। श्रम मंत्रालय ने कहा कि आधार वर्ष 2016=100 के साथ डब्ल्यूआरआई की नई श्रृंखला आधार वर्ष 1963-65 के साथ पुरानी श्रृंखला की जगह लेती है।

महंगाई भत्ते की गणना कैसे की जाती है?

महंगाई भत्ते की राशि की गणना 7वें वेतन आयोग के महंगाई भत्ते की वर्तमान दर को मूल वेतन से गुणा करके की जाती है। यदि आपका मूल वेतन 56,900 डीए (56,900 x46)/100 रुपये है, तो वर्तमान दर 46% है। मुद्रास्फीति भत्ते का प्रतिशत = पिछले 12 महीनों का औसत सीपीआई – 115.76. अब जो भी आएगा उसे 115.76 से भाग दिया जाएगा. प्राप्त संख्या को 100 से गुणा किया जाएगा।

सैलरी पर कितना डीए मिलेगा, कैसे कैलकुलेट करें?

7वें वेतन आयोग (7वें वेतन आयोग वेतन वृद्धि) के तहत वेतन की गणना के लिए डीए की गणना कर्मचारी के मूल वेतन पर की जानी है। मान लीजिए किसी केंद्रीय कर्मचारी का न्यूनतम मूल वेतन रु. 25,000 है, तो उसका महंगाई भत्ता (DA कैलकुलेशन) रु. 25,000 46% होगा. रु. 25,000 46% यानी कुल रु. 11,500 होगा. यह एक उदाहरण है। इसी तरह, अन्य वेतन संरचना वाले लोग भी अपने मूल वेतन के अनुसार इसकी गणना कर सकते हैं।

महंगाई भत्ते पर टैक्स लगता है

महंगाई भत्ता पूरी तरह से कर योग्य है। भारत में आयकर नियमों के तहत, महंगाई भत्ते को आयकर रिटर्न (आईटीआर) में अलग से सूचित करना होता है। मतलब, महंगाई भत्ते के नाम पर आपको जो रकम मिलती है, वह टैक्सेबल होती है और उस पर टैक्स देना ही पड़ता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker