Gwalior News: ग्वालियर में सूदखोरों की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर एक किसान के बेटे ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसकी करीब 8 महीने की जांच के बाद पुलिस ने अब जाकर नौ लोगों को उसकी मौत का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही, उनकी तलाश भी शुरू कर दी हैं।
दरअसल ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र के किरार कॉलोनी में रहने वाले रामलखन सिंह गुर्जर के 24 साल के बेटे गिर्राज सिंह ने 2024 की 10 जुलाई को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। गिर्राज सिंह परिवार का इकलौता बेटा था। सुसाइड से पहले गिर्राज ने एक सुसाइड नोट छोड़ा था जिसमे उनसे लिखा था कि सिकंदर गुर्जर, रविन्द्र सिंह गुर्जर, प्रदीप किरार, शैलेन्द्र उर्फ शैलू गुर्जर, अभिजीत यादव, सौरव पटेल, नीतेश गोस्वामी उर्फ भूरा, राम मिश्रा और नवल सिंह उर्फ खैरू गुर्जर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। क्योंकि इन लोगों ने उसे झूठे केस में जेल भेजने की धमकी देकर लाखों रुपया ऐंठ लिया था। अब उसकी हैसियत और पैसा देने की नहीं थी। लेकिन ब्लैकमेलर उसे फिर भी धमका रहे हैं। जिसकी प्रताड़ना वह और सहन नहीं कर पा रहा था। इसलिए वह जान दे रहा है। जब पुलिस ने इस मामले को लेकर जांच पड़ताल शुरू की तो इस जांच पड़ताल के 8 महीने गुजर जाने के बाद सुसाइड के लिए मजबूर करने वाले दोषियों के बारे में पता चला तो आरोपी डायरी (ब्याज) का धंधा भी करते हैं। यह लोग मोटे ब्याज पर पैसा देते हैं। रकम नहीं चुकाने वालों को धमकाकर पैसा ऐंठते हैं। गिर्राज माता पिता का इकलौता बेटा था उसे इन लोगों ने पहले दोस्ती के जाल में फंसाया फिर उससे पैसा ऐंठा। जिस पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर 9 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर की भनक लगते ही सभी आरोपी घर से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश में जुटी हुई है।