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ठंड है प्रचंड : उमरिया MP के टॉप 5 ठंडे शहरों में शामिल 17 शहरों के जारी शीत लहर का Yellow Alert !

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Content Writer
Nov 14, 2025 10:10 PM IST

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ठंड है प्रचंड : उमरिया MP के टॉप 5 ठंडे शहरों में शामिल 17 शहरों के जारी शीत लहर का Yellow Alert !

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Mausam Alert MP : उमरिया जिला सहित मध्यप्रदेश के 17 जिलो में शीत लहर का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में जहां भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, रीवा, शहडोल, जबलपुर, नौगाँव (छतरपुर), शिवपुरी जिलो में में शीतलहर का असर वहीं इंदौर जिले  में तीव्र शीत लहर का असर देखा गया है।मध्यप्रदेश के टॉप 5 ठन्डे शहरों में शहडोल का कल्यानपुर और उमरिया जिला भी शामिल है. 

ये हैं मध्यप्रदेश के 5 सबसे ज्यादा ठन्डे शहर 

वही मध्यप्रदेश के टॉप 5 सबसे अधिक न्यूनतम तापमान वाले शहर

  1. कल्याणपुर शहडोल में – 7.2
  2. शिवपुरी में – 8.0
  3. राजगढ़/इंदौर/नौगाँव (छतरपुर) में – 8.2
  4. उमरिया (गिरवर) शाजापुर में – 8.6 
  5. रीवा – 8.8 

शीत लहर का यलो अलर्ट

भोपाल, राजगढ़, इंदौर, सिहोर, देवास, शाजापुर, शिवपुरी, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर

स्कूल के समय मे नही हुआ बदलाव

बात अगर उमरिया जिले के करें तो उमरिया जिले में बीते 4 से 5 दिनों से लगातार शीतलहर का येलो अलर्ट मौसम विभाग के द्वारा जारी किया जा रहा है। उमरिया जिले में केंद्रीय विद्यालयों को छोड़कर के एमपी बोर्ड के किसी भी विद्यालय में स्कूल के समय बदलाव नहीं किया गया है। जिले में अब अविभावकों के द्वारा लगातार जिला प्रशासन से मांग की जा रही है कि ठंड को देखते हुए स्कूल के समय बदलाव किया जाए ताकि छोटे मासूम बच्चों को इस कड़कड़ाती ठंड में कुछ राहत मिल सके। उमरिया जिले में बीते 4 से 5 दिनों से लगातार न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वही अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री तक तो जाता है लेकिन दिन में भी ठंड का असर लगातार जारी रहता है।

नगरीय निकायों में अलाव की व्यवस्था नदारद

उमरिया जिले के सभी नगरीय निकायों में अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है। हो सकता है कि यह अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था कागजों में शुरू हो गई हो लेकिन धरातल पर अभी यह व्यवस्था नजर नही आ रही है। जिला मुख्यालय उमरिया सहित चंदिया, नौरोजाबाद, मानपुर और पाली शहर में लगातार नागरिकों के द्वारा अलाव की व्यवस्था के लिए स्थाई नगरीय निकाय से अपील भी की जा रही है लेकिन इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है।

क्यों बढ़ रही है ठंड 

सिकिनोष्टिक मौसमी परिस्थितियां के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित है।साथ ही उत्तर हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊँचाई पर स्थित ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण अब कम स्पष्ट हो गया है।

भारी ठण्ड में रखें ये सावधानियां

  • शीत लहर के संपर्क में आने पर शीत से प्रभावित अंगों के लक्षणों जैसे कि संवेदनशून्यता, सफ़ेद अथवा पीले पड़े हाथ एवं पैरों की उंगलियों, कान की लौ तथा नाक की ऊपरी सतह का ध्यान रखे।
  • शीत लहर के अत्यधिक प्रभाव से त्वचा पीली, सख्त एवं संवेदनशून्य तथा लाल फफोले पड़ सकते है। यह एक गंभीर स्थिति होती है जिसे गैंगरीन भी कहा जाता है। पह अपरिवर्तनीय होती है। अतः शीत लहर के पहले लक्षण पर ही चिकित्सक की सलाह ले तथा तब तक अंगों को गरम करने का प्रयास करे।
  • शीत लहर के प्रभाव से हाइपोथर्मिया हो सकता है। शरीर में गर्मी के हास से कंपकपी, बोलने में दिक्कत, अनिद्रा, मांसपेशियों में अकडन, सांस लेने में दिक्कत/निश्चेतन की अवस्था हो सकती है। यह अत्यधिक गंभीर अवस्था है इसमें तत्काल चिकित्सीय सहायता ले।
  • शरीर की गर्माहट बनाये रखने हेतु अपने सर, गर्दन, हाथ और पैर की उँगलियों को अच्छे से ढंके एवं पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े जैसे दस्ताने, टोपी, मफलर, एवं जल रोधी जूते आदि पहने।
  • शीत लहर के समय जितना संभव हो सके घर के अंदर ही रहें और कोशिश करें कि अतिआवश्यक हो तो ही चाहर यात्रा करें। इस समय विभिन्न प्रकार की बीमारियों की संभावना अधिक बढ़ जाती है. जैसे पलु, सर्दी, खांसी एवं जुकाम आदि के लक्षण हो जाने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
  • भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नज़र रखें।
  • पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोजन ग्रहण करें एवं शरीर की प्रतिरक्षा बनाए रखने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं एवं नियमित रूप से गर्म पेय पदार्थ का अवश्य सेवन करें।

किसानों के लिए विशेष सलाह

  • शीत लहर आने से पहले खेत में हल्की सिंचाई करें ताकि मिट्टी का तापमान बना रहे। रात के समय खेत के किनारों पर सूखी पत्तियों या भूसा जलाकर धुआँ करें।
  • सब्ज़ी नर्सरी को पॉलीथीन शीट या घास से ढककर रखें।
  • सब्जियों और नाजुक फसलों के आसपास पुआल, घास या प्लास्टिक शीट से ढकाव करें। आलू टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, सरसों आदि फसलों की विशेष सुरक्षा करें।
  • पशुओं को ठंडी हवा से बचाने के लिए बंद या आंशिक बंद गोठ में रखें। पशुओं को पीने के लिए गुनगुना पानी दें, ठंडा पानी न दें।
  • पशुओं के लिए सूखी बिछावन जैसे पुआल या भूसा बिछाएँ। पशुओं को गुड़, तेलखली, दाना आदि ऊर्जावान चारा दें।
  • किसान खुद ठंड से बचने के लिए ऊनी कपड़े, टोपी, दस्ताने और जूते पहनें। अत्यधिक ठंड में खेत पर काम करने से बचें।

Content Writer

संजय विश्वकर्मा खबरीलाल न्यूज़ पोर्टल हिंदी में कंटेंट राइटर हैं। वे स्टॉक मार्केट,टेलीकॉम, बैंकिंग,इन्सुरेंस, पर्सनल फाइनेंस,सहित वाइल्ड लाइफ से जुड़ी खबरें लिखते हैं।संजय को डिजिटल जर्नलिज्म में 8 वर्ष का अनुभव है।आप संजय से 09425184353 पर सम्पर्क कर सकते हैं।… और पढ़ें

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