बांधवगढ़ में 7 माह के बाघ शावक को ताला कोर ज़ोन में बने बठान बाड़े से खितौली कोर ज़ोन में बने बहेरहा इनक्लोजर में शिफ्ट किया गया है।बाघ शावक की बढ़ती उम्र के साथ शिकार के गुर सिखाने के लिए प्रबंधन ने बड़ा निर्णय लिया है।
कौन है यह बाघ शावक
बाघिन काटिवाह की पनपथा बफर के बीट सलखनिया बीट में अक्टूबर 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद लगभग 3-3 माह के दो बाघ शावको को उसी स्पॉट के आसपास पेड़ की खोह में छिपे हुए 2 बाघ शावक 10 अक्टूबर 2025 को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र पनपथा बफर के बीट सलखनिया से रेस्क्यू किए गए थे।
रखा गया था बठान बाड़े में
दोनों बाघ शावको की उम्र काफी कम होने के कारण प्रबंधन ने निर्णय लिया था कि उन्हें किसी बड़े इनक्लोजर की वजाय कड़ी निगरानी में रखा जाए,इसीलिए दोनों बाघ शावको को ताला कोर ज़ोन में बने बठान बाड़े में रखा गया था।प्रबंधन का दावा है कि इस बाड़े में रखे जाने के वावजूद इन्हें मानवीय हस्तक्षेप से दूर रखा गया था।
5 जनवरी हो हुई बड़ी घटना
5 जनवरी 2026 को प्रबंधन को सूचना मिली कि तकरीबन शाम 6 के आसपास एक मादा बाघ शावक बाड़े में लगी फेंसिंग को कूदकर भाग गया है।दो -तीन दिनों की सर्चिंग के बाद बाघ शावक का शव मिला था। प्रबंधन में दावा किया था कि किसी अन्य बाघ के हमले के कारण बाघ की मौत हो गई है।
पूरे मामले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय का कहना है कि क्योंकि बाघ शावक को आने वाले समय में जंगल में छोड़ा जाएगा ऐसे में बाघ शावक को बड़े एंक्लोजर में रख करके उसे शिकार के गुरु सिखाए जाएंगे। अभी तक बाघ शावक को प्रबंधन के द्वारा शिकार उपलब्ध कराया जाता था लेकिन अब नए इनक्लोजर में बाघ शावक खुद अपना शिकार करेगा और जंगल के कायदे कानून सीखेगा। ताकि आने वाले समय में जब बाघ शावक की उम्र ज्यादा हो तो उसे फ्रीहोल्ड जंगल में छोड़ा जा सके।













