Tiger Rescue : दिनांक 26 /01/ 2026 को वन मंडलाधिकारी उत्तर शहडोल सामान्य के द्वारा बांधवगढ़ प्रबंधन कोसूचना दी गई की वन मंडल उत्तर शहडोल की जयसिंह नगर रेंज की वनचाचर बीट के कक्ष क्रमांक 380 RF मे दो बाघ के आपसी संघर्ष में एक बाघ घायल हुआ है। जिसके बाद इस बाघ को सर्च करने के लिए तत्काल रेस्क्यू टीम के कुछ सदस्य बांधवगढ़ से वाहन सहित मौके पर भेजे गए।
नही मिला बाघ
उसके उपरांत दिनांक 27/01/2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी मानपुर, रेस्क्यू टीम एवं वन स्टाफ के द्वारा घटना स्थल पर पैदल गस्ती कर के स्कैनिंग कार्य किया गया बाघ के पंजों के निशान मिले लेकिन बाघ प्रत्यक्ष रूप से नहीं दिखाई दिया।
बारिश के कारण नही हो सका रेस्क्यू
दिनांक 28/01/2026 को हाथियों , रेस्क्यू टीम तथा वन स्टॉफ के द्वारा घटना स्थल पर एवं उसके आसपास के क्षेत्र में वर्षा होने के कारण बाघ के पद चिन्ह नहीं दिखाई दिए। गस्ती चीतल के कॉलिंग करने के आधार पर की गई। बाघ प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा गया इस कारण से रेस्क्यू कार्य नहीं हो पाया।
हाथी दल को दिखा बाघ
दिनांक 29/01/2026 को वन स्टॉप एवं हाथियों से गस्ती करने पर हाथी महावत को प्रत्यक्ष रूप से बाघ दिखाई दिया इस बात की सूचना हाथी महावत एवं वनमंडल अधिकारी उत्तर शहडोल सामान्य के द्वारा प्राप्त हुई l
सूचना उपरांत एक्टिव हुआ वन अमला
तीन दिनों के बाद जैसे ही प्रबंधन को बाग की लोकेशन मिली वैसे ही पूरा अमला एक्टिव हो गया। क्षेत्र संचालक, वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी, उप संचालक पनपथा, उप वन मंडल अधिकारी ब्यौहारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी जयसिंहनगर, प्रशिक्षु वन परिक्षेत्राधिकारीगण -अमित, अनुपम तथा प्रज्ञा, शेष रेस्क्यू टीम , रेस्क्यू प्रभारी एवं अन्य स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे तथा मौके का निरीक्षण कर बाघ को रेस्क्यू करने के लिए मार्ग तैयार किया गया l
गन साट से डॉट देकर किया गया रेस्क्यू
वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा रेस्क्यू करने के लिए तैयारी पूर्ण की गई। वन्य प्राणी स्वास्थय अधिकारी के द्वारा गन साट से डॉट देकर घायल नर बाघ को बेहोश कर रेस्क्यू किया गया। बाघ के शरीर का वन्य प्राणी स्वास्थ अधिकारी के द्वारा परीक्षण किया गया तथा प्रारंभिक उपचार उपलब्ध कराया गया। आगामी उपचार हेतू वन्य प्राणी रेस्क्यू वाहन के माध्यम से क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी की निगरानी मे घटना स्थल से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया की मगधी परिक्षेत्र के अंतर्गत बने बहेरहा बाड़े तक परिवहन किया गया। रात्रि मे ही क्षेत्र संचालक, उप संचालक पनपथा एवं वन्यप्राणी स्वास्थ अधिकारी की उपस्थिति मे परीक्षण उपरांत इंक्लोजर मे बाघ को छोड़ा गया। बाघ पर नियमानुसार सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
दिनांक 30.1.26 को क्षेत्र संचालक तथा वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा पुनः स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है।













