बाघ के आतंक से जरधोवा गांव के ग्रामीण सहम गए हैं। आज जरधोवा निवासी 60 वर्षीय मलखान सिंह राजगौड अपनी भैंसों को लेकर जंगल जा रहे थे, तभी एक बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बाघ के पंजों के वार से बुजुर्ग के चेहरे, पीठ और घुटने पर गंभीर चोटें आई हैं। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद साथी ग्रामीण ने हिम्मत दिखाते हुए पत्थर फेंके, जिससे बाघ वहां से भागा और वृद्ध की जान बच गई।
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठीक एक दिन पहले भी यही बाघ गांव में घूम रहा था, जिसकी सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
गुस्साए लोगों ने बताया कि क्षेत्र में वन्यजीवों के हमलों की यह पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। गंभीर बात यह है कि घटना के दो घंटे बाद भी वन अमला नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों को खुद डायल 112 की मदद से घायल को अस्पताल ले जाना पड़ा। । मामले पर पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर बीरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को रवाना कर दिया गया था। घायल बुजुर्ग की स्थिति अब स्थिर है। वन विभाग ने तत्काल सहायता के रूप में दो हजार रुपये दिए हैं और संपूर्ण इलाज का खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, हाथियों की टीम को मौके पर भेजकर बाघ को जंगल में खदेड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

