- प्रधान आरक्षक के सहयोगी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा।
- झगड़े के प्रकरण में नाम हटाने पर राजोद थाने के प्रधान आरक्षक बने सिंह परमार ने मांगे थे ₹50000
- पीड़ित नानूराम ओसारी ने लोकायुक्त में शिकायत की थी
- इंदौर लोकायुक्त की टीम ने आज सरदारपुर के सर्किट हाउस पर प्रधान आरक्षक के सहयोगी भारत डामोर को ₹22500 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा
Lokayukt Karyawhai : लोकायुक्त पुलिस इंदौर के द्वारा सरदारपुर में कार्यवाही करते हुए राजोद के प्रधान आरक्षक बने सिंह परमार के लिए रिश्वत लेते हुए उसके सहयोगी भारत डामोर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
एक झगड़े के प्रकरण में ग्राम झिंझापाड़ा के निवासी नानूराम ओसारी का नाम हटाने के एवज में प्रधान आरक्षक के द्वारा ₹50000 की रिश्वत की मांग की गई थी आवेदक के द्वारा इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस इंदौर को की गई थी लोकायुक्त पुलिस के द्वारा आज एक ट्रैप दल का गठन किया गया और कार्यवाही की गई ।
जानकारी के अनुसार आवेदक नानूराम ओसारी ग्राम बोला में भजन संध्या करने के लिए गया था उसी दिन गांव में दो लोगों भगवान सिंह और सुरेश ओसारी का झगड़ा हो गया जिसकी रिपोर्ट भगवान सिंह की पत्नी ने पुलिस थाना राजोद में सुरेश ओसारी के साथ-साथ नानूराम ओसारी के परिवार के करीब आठ लोगों के खिलाफ दर्ज करवाई थी जिसका अनुसंधान पुलिस थाना राजोद के प्रधान आरक्षक बने सिंह परमार के द्वारा किया जा रहा था 15 मार्च को प्रधान आरक्षक बने सिंह परमार ने आवेदक को थाने पर बुलाया आवेदक दिनांक 14 मार्च को भजन संध्या में ग्राम बोला गया था आवेदक का नाम fir में झूठा लिखवाया गया इस पर आरोपी ने आवेदक का नाम कैस से हटाने की एवज में ₹50000 की रिश्वत की मांग की थी।।
जिसकी शिकायत लोकायुक्त इंदौर कार्यालय में की गई सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया आरोपी बने सिंह परमार के कहने पर आरोपी भारत डामर के द्वारा आवेदक से रिश्वत राशि 22500 प्राप्त करने पर आरोपी भारत डामर को रंगे हाथों पकड़ा गया दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत सरदारपुर के सर्किट हाउस में कार्यवाही की गई।
ट्रैप दल के सदस्य डीएसपी सुनील तालान निरीक्षक राहुल राजभीए प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव आरक्षक विजय कुमार आरक्षक आशीष नायडू आरक्षक कमलेश परिहार आरक्षक आशीष आर्य एवं शेर सिंह ठाकुर शामिल है