MP News : सिंगरौली जिले को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। जहां कक्षा आठवीं में पढ़ने वाली एक छात्रा ने सरई के उपस्वास्थ्य केंद्र में पेट में हो रहे दर्द की जांच कराने पहुंची थी। जहां चिकित्सकों की टीम ने जांच किया तो पाया कि छात्रा 9 महीने के पेट से है। जिसके बाद चिकित्सकों ने घटना की जानकारी तत्काल सरई थाना को दी। जानकारी मिलने पर सरई थाना पुलिस बच्ची से पूछताछ करने के बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध करते हुए घटना की विवेचना में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक सरई थाना क्षेत्र के गोड बहरा में संचालित आदिवासी विभाग के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाली कक्षा आठवीं की एक छात्रा सरई उप स्वास्थ्य केंद्र पेट में दर्द की शिकायत पर परिजन दिखाने के लिए लेकर पहुंचे थे। जहां चिकित्सकों की टीम ने जांच की तो बेहद चौंकाने वाला मामला सामने निकल कर आया। जहां सरई थाना पुलिस उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंच छात्रा से मामले के संबंध में जानकारी लेते हुए मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक छात्रा 9 महीने पहले अपने छात्रावास से ऑटो में सवार होकर घर जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान सुनसान जगह पर ऑटो चालक ने पीड़ित छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। हालांकि इस घटना के बारे में डर के मारे छात्रा ने अपने परिजनों को नहीं बताया था। 21 मार्च को दोपहर जब छात्रा के पेट में दर्द शुरू हुआ तो परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने सारे मामले की जानकारी परिजनों को देते हुए पुलिस को सूचना दी।
सिंगरौली जिले में छात्रावासों में जिले के अधिकारी मॉनिटरिंग न होने से लगातार लापरवाही में बढ़ती जा रही है। छात्रावास में रहने वाले अधीक्षक सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कुछ भी नहीं किया जाता । कई कन्या छात्रावास तो जिले में ऐसे हैं जहां रात में न तो अधीक्षक मौजूद होते हैं और न ही सुरक्षा गार्ड इस दौरान छात्रावासों में केवल बच्चियों और खाना बनाने वाली महिलाएं मौजूद होती है। जिससे कहीं न कहीं छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगना लाजमी है। इतना ही नहीं छात्रावासों में छात्र-छात्राओं के समय-समय पर मेडिकल परीक्षण भी न कराया जाना इस घटना का एक बड़ा कारण है।
सिंगरौली से धर्मेन्द्र साहू की रिपोर्ट