उमरिया : जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र के कई गांवों में सागौन की लकड़ी से बने फर्नीचर का अवैध गोरखधंधा वर्षो से फलफूल रहा है।बीते दिनों जिला मुख्यालय उमरिया में फारेस्ट डिपार्टमेंट की कार्यवाही से एक बार फिर इमारती लकड़ी का अवैध धंधे की चर्चा सुर्खियों में है।
कब और कहा हुई है कार्यवाही
दरअसल गुरुवार की रात 11 बजे के आसपास पिकअप क्रमांक MP21जी1611 को जिला मुख्यालय उमरिया में एक रिटायर्ड कालरी कर्मचारी के नए आवास में सागौन की लकड़ी से बने दरवाजे उतारने के दौरान उमरिया रेंजर की टीम ने धर दबोचा है।उक्त वाहन में लगभग 70 हजार कीमत के सागौन की लकड़ी के दरवाजे जप्त किए गए हैं।वाहन को उमरिया डिपो में खड़ा किया गया है।ड्राइवर से पूछताछ कर इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।
खरीददार भी बनेगा आरोपी
इस मामले में जब उमरिया रेंज ऑफिसर सिद्धार्थ सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पिकअप ड्राइवर पर अभी मामला पंजीबद्ध किया गया है।वाहन को राजसात करने की कार्यवाही की जाएगी।वही जिस व्यक्ति के घर में दरवाजे डम्प उतारे जा रहे थे,उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।

मामले को रफादफा करने की प्लानिंग
विश्वत सूत्रों की माने तो इस मामले में विभाग के कुछ अधिकारी मामले को कमजोर करने के उद्देश्य से फर्जी बिल बनाने की जुगत में लगे हुए हैं।दरअसल यह वह वर्ग है जो नौरोजाबाद क्षेत्र से ऐसे मामलों में उपकृत हुआ है।कहने का मतलब यह है कि जिन पर अवैध कामों को रोकने की जबावदेही है उन्ही के द्वारा लीपापोती कर मामले को रफादफा करने का कुचक्र रचा जा रहा है। हालांकि जब इस मामले में एसडीओ फॉरेस्ट कुलदीप त्रिपाठी से पक्ष जानना चाहा गया तो उन्होंने कहा कि संभव है कि आरोपी मामले से बचने के लिए ऐसी कोई प्लानिंग में जुटे हुए हो लेकिन ऐसे कोई भी फर्जी बिल स्वीकार नही किए जायेगे।अपने जो अवगत कराया है मैं इस मामले में रेंज ऑफिसर से भी बात करके इस विषय से अवगत करवाऊँगा।
कहा से लाई जा रही थी अवैध खेप
विश्वात सूत्रों की माने तो नौरोजाबाद क्षेत्र के एक गाँव मे कोई संपत नाम का शख्स इस अवैध गतिविधि को बीते कई वर्षों से अंजाम दे रहा है।संपत कोई छोटामोटा नाम नही हैं, क्योंकि संपता कई विभागीय अधिकारियों के घरों तक अपनी अवैध खेप पहुँचा चुका है।अगर मामले की उच्चस्तरीय जांच हो तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।
खरीददार पर भी होगी कार्यवाही
मिली जानकारी के अनुसार एसईसीएल की नौकरी से रिटायर्ड कर्मचारी इंदीदिनों नगर की स्वर्णभूमि कालोनी में किराए के माकान में रहकर अपने घर का निर्माण करवा रहे हैं,उन्ही को अवैध खेप की डिलीवरी की का रही थी तभी उमरिया वन अमले ने खेल बिगाड़ दिया।
क्या चल रहा है बड़ा नेक्सस
अगर आप उमरिया जिले के नौरोजाबाद वनपरिक्षेत्र में किसी गूंगे व्यक्ति से भी पूछ लेगे की इस क्षेत्र में इमारती लकड़ी का अवैध व्यवसाय कहा चल रहा है।विभाग के आला अधिकारियों को भी अमूमन पता है,लेकिन एकाध कार्यवाही के बाद मामला ठंडे बस्ते में डालकर अंडर द टेबल प्रथा को आगे बढ़ा दिया जाता है।
इनका कहना है-
इस पूरे मामले में जब एसडीओ फारेस्ट कुलदीप त्रिपाठी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि सागौन की लकड़ी के चार दरवाजे को पिकअप वाहन के साथ जप्त किया गया है। वाहन मालिक पर न्यायालय में परिवाद किया जाएगा।वाहन को राजसात करने की कार्यवाही की जाएगी।वही ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है खरीददार और बेचेन वाले को भी आरोपी बनाया जाएगा।


