Hight Court News : उमरिया जिले में नगर परिषद नौरोजाबाद हमेशा सुर्खियों में रहती है। एक बार पुनः नगर परिषद नौरोजाबाद चर्चा में आ गई है।सर्वविदित है कि तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी ज्योति सिंह द्वारा किए गए तथाकथित भ्रष्टाचार की इबारतें आपने किसी न किसी अखबार में पढ़ी ही होगी।आगे की बात बताने से पहले आपको याद दिला दूँ की 19 फरवरी को जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने नौरोजाबाद की धरा पर कदम रखा था उस दिन कुछ सहाफियों ने सीएम से शिकायत की थी कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी ज्योति सिंह पर उच्च अधिकारी मेहरबान है कार्यवाही नही कर रहे है,सीएम डॉ मोहन यादव के उड़ान भरते ही सीएमओ ज्योति सिंह का निलंबन आदेश आयुक्त कार्यालय से जारी हो गया था।
हाई कोर्ट में दायर हुई थी रिट पिटीशन
भ्रस्टाचार की इस पूरी पटकथा में ज्योति सिंह अकेली नही थी,वर्तमान नगर परिषद नौरोजाबाद कुशल सिंह की शिकायत भी डीएम उमरिया से उपाध्यक्ष नईम बेग सहित सभी कुल 14 पार्षदों ने की थी।वैसे आपकी जानकारी में होगा कि नगर परिषद में कुल 15 ही पार्षद हैं।शिकायत जब असर नही की तो उपाध्यक्ष नगर परिषद नईम बेग ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।और एक रिट पिटीशन दायर कर दी।जिस माननीय हाई कोर्ट ने 28 जनवरी 2026 को कार्यवाही के लिए एक ऑर्डर किया।पर जब 4 से 5 माह गुजर जाने के बाद भी नईम बेग कार्यवाही का इन्तेजार करते रह गई।हालांकि उस दौर की जब आईएएस धरणेन्द्र जैन जिले के डीएम थे तो उनके कार्यकाल में कई ऐसे आदेश थे हाई कोर्ट के जिनका पालन नही किया गया।पिटीशनर को अवमानना याचिका लगाने तक के लिए उन्होंने कहा था।
High Court की दखल के बाद ने DM उमरिया ने कार्यवाही के लिए की अनुशंसा लिखा प्रदेश सरकार को पत्र
वर्तमान कलेक्टर ने लिया एक्शन
इस मामले में भी यही हुआ जब हाई कोर्ट का के आदेश का जिला प्रशासन ने पालन नही किया तो नगर परिषद नौरोजाबाद उपाध्यक्ष नईम बेग अवमानना याचिका लेकर हाई कोर्ट पहुँचे, हाई कोर्ट ने उमरिया कलेक्टर को आदेशित किया कि 90 दिनों के अंदर 28 जनवरी 2026 वाले आदेश पर अपना अंतिम निर्णय लें हालांकि तब तक आईएएस धरणेन्द्र जैन की विदाई हो चुकी थी।मामला वर्तमान कलेक्टर आईएएस राखी सहाय के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने एफिडेविट पेश करते हुए हाई कोर्ट को बताया है कि उनके द्वारा 10 जून 2026 को आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल को अध्यक्ष श्रीमती कुशल सिंह नगर परिषद नौरोजाबाद के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए पत्र लिख दिया है।कलेक्टर उमरिया आईएएस राखी सहाय ने पत्र में साफ तौर पर उल्लेख किया है कि जांच रिपोर्ट में नगर परिषद अध्यक्ष ने भी भुगतान में अपने हस्ताक्षर किए है।
कौन करेगा कार्यवाही
हाईकोर्ट में दाखिल जवाब में डीएम उमरिया ने यह भी कहा गया है कि नगर परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के विरुद्ध अंतिम कार्रवाई का अधिकार मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 35-ए के तहत राज्य सरकार के पास है। कलेक्टर ने हाई कोर् से यह भी कहा है कि न्यायालय के आदेश का पालन किया जा चुका है। यदि किसी स्तर पर विलंब हुआ हो तो उसके लिए बिना शर्त क्षमा याचना भी प्रस्तुत की गई है तथा अवमानना नोटिस समाप्त करने का अनुरोध किया गया है।
पुनः कार्यवाही पड़ी सुस्त
उक्त मामले में जब नौरोजाबाद नगर परिषद उपाध्यक्ष और वार्ड नम्बर 11 के पार्षद याचिकाकर्ता नईम उल्ला बेग से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा की वर्तमान कलेक्टर उमरिया के द्वारा 10 जून 2026 को आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल को नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती कुशल सिंह के विरुद्ध कार्यवाही के लिए पत्र लगभग 45 दिन पहले लिखा गया है,लेकिन पुनः कार्यवाही पर विराम लग गया है.करोडो रूपए का भ्रष्टाचार हुआ है.. मेरे पास पूरे दस्तावेज है.मुझे माननीय हाईकोर्ट पर पूरा भरोषा है,की मुझे आज नही तो कल न्याय जरुर मिलेगा।
इस मामले को लेकर जब नगर नगर परिषद अध्यक्ष कुशल सिंह से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो बातचीत नही हो पाई।


