Shorts Videos WebStories search

—Advertisement—

जहरीले सांपो की यहाँ की जाती है खेती सांप का बगीचा देखकर रह जाएंगे हैरान

Author Picture
Editor
Jul 17, 2023 9:30 AM IST

[inb_subtitle]

—Advertisement—

वैसे तो भारत एक कृषि प्रधान देश है और हर एक व्यक्ति कही न कही खेती किसानी से जुड़ा हुआ है और ऐसा कोई ही होगा जिसमे अपने जीवन में बाग बगीचे न देखे हों,आम नीबू और जामुन हो या सब्जियों का बगीचा एक से बढकर एक बगीचे अपने देखे होंगे,बगीचों में जाने से जो सुकून मिलता है वो शब्दों में बया नही किया जा सकता है,लेकिन ऐसा भी कभी हुआ होगा कि आप बगीचे में गए होंगे और आपको सांप दिख गया होगा उसे देखकर तो आप की हालत पतली जरुर हुई होगी,लेकिन क्या अपने सोचा है की बगीचे में एक सांप देखकर आप इतने डर गए यदि आपको साँपों के बगीचे में ही छोड़ दिया जाए तो क्या होगा…

यह भी पढ़ें :  लोन ऐप के चक्कर में गई परिवार के चार लोगो की जान ऐसे गिरोह से बचने के लिए एमपी पुलिस ने साझा की एडवाइजरी

आप तो पढकर ही डर गए होंगे लेकिन आपको बता दें कि इस दुनिया में एक ऐसा भी बागीचा है जहा सांप ही सांप है, विएतनाम में Dong Tam Snake Farm का एक फॉर्म है जिसकी स्थापना स्थापना 27 अक्टूबर 1977 में की गई थी,यहाँ पेड़ों पर सिर्फ आपको सांप ही सांप दिखाई देंगे एक दो नही बल्कि इतने की आप गिन भी नही पाएगे.ईसी फॉर्म हाउस में एक सर्पदंश उपचार विभाग नाम का एक डिपार्टमेंट है जिसमे दावा किया जाता है की विषैले से विषैले सापों का एंटी डोज बनाया जा चुका है, विएतनाम  के सैनिको के लिए यहाँ सापों के एंटी डोज बनाने के लिए यहाँ रिसर्च की जाती है,इनका दावा है कि इस डिपार्टमेंट में सर्पदंश के लगभग 1,000 मामले आते हैं, जिनमें से 77% से अधिक जहरीले सांपों द्वारा काटे जाते हैं। सभी मरीज़ ठीक हो गए, अस्पताल में भर्ती होने के दौरान एक भी सैनिक या सिविल की मृत्यु का कोई मामला अब तक नहीं आया।

यह भी पढ़ें :  शादी के तुरंत 2 घंटे बाद दे दिया पत्नी को तलाक जानिए क्या थी ऐसी वजह

Dong Tam Snake Farm

औषधीय पौधों की खेती, अनुसंधान और प्रसंस्करण केंद्र, सैन्य क्षेत्र 9 के लाजिस्टिक  विभाग को डोंग टैम स्नेक फार्म के रूप में भी जाना जाता है,डोंग टैम स्नेक फार्म में आना, सांपों और दुर्लभ जानवरों को देखने के अलावा, यहाँ आने वालो को पौधों और औषधीय पौधों के बारे में अधिक जानने का भी अवसर मिलता है, जो औषधीय जड़ी-बूटियों का एक अत्यंत मूल्यवान स्रोत हैं जिन्हें अनुसंधान उद्देश्यों के लिए संग्रहीत और प्रचारित किया जा रहा है। इस फॉर्म में सैनिकों और लोगों के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और चिकित्सा उपचार केंद्र बनाया गया है,प्रोडक्सन के साथ साथ सालाना देशभर के   स्कूलों से हजारों छात्रों और छात्राओं का दौरा करने और अध्ययन करने और वैज्ञानिक अनुसंधान करने के लिए यहाँ आते है.

यह भी पढ़ें :  Gold Silver Price 17th July : सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट सोना सोना ₹154 और चांदी ₹419 हुआ सस्ता देखिए आज के ताजा रेट्स

Verified Source Google News www.khabarilal.net ✓ Trusted
Editor

संजय विश्वकर्मा खबरीलाल न्यूज़ पोर्टल हिंदी में कंटेंट राइटर हैं। वे स्टॉक मार्केट,टेलीकॉम, बैंकिंग,इन्सुरेंस, पर्सनल फाइनेंस,सहित वाइल्ड लाइफ से जुड़ी खबरें लिखते हैं।संजय को डिजिटल जर्नलिज्म में 8 वर्ष का अनुभव है।आप संजय से 09425184353 पर सम्पर्क कर सकते हैं।… और पढ़ें

लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज

Leave a Comment

होम
MP ब्रेकिंग
powerफटाफट
Join करें
वेब स्टोरीज