इन दिनों भ्रष्टाचार के मामले इस तरह मध्य प्रदेश में बढ़ते चले जा रहे हैं कि कर्मचारियों के परिजन भी अब इस मामले में लिप्त नजर आ रहे हैं।
दरअसल जिला आयुष कार्यालय झाबुआ में पदस्थ एक महिला कर्मचारी के पति को लोकायुक्त की टीम ने घेराबंदी कर 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ कर गिरफ्तार किया गया है। यह रिश्वत एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के पेंशन और अन्य लाभों के भुगतान के एवज में मांगी गई थ कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों पर डीआईजी मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में की गई।
माँगे थे 12 हजार
12,000 रुपये की मांग पर 10 हजार लेते हुए किया गया ट्रैप शिकायतकर्ता कमल सिंह ठाकुर (63 वर्ष), जो शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद से 28 फरवरी 2026 को कम्पाउण्डर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे ने लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।
सेवानिवृत्त कर्मचारी से रिश्वत का सौदा
कमल सिंह ठाकुर को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन,ग्रेज्यूटी,अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान का लाभ मिलना था जिला आयुष कार्यालय झाबुआ में पदस्थ सहायक ग्रेड-2, रत्नाप्रेम पंवार ने इन प्रकरणों के बिल तैयार करने और कोषालय से राशि निकलवाने के एवज में 12,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी और पति को रिश्वत का पैसा लेने के लिए राजगढ़ चौराहे पर भेजा तभी लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते पति को रंगेहाथों धरदबोचा
सत्यापन के बाद हुई कार्यवाही
शिकायत का सत्यापन करने के लिए लोकायुक्त ने एक ट्रैप दल का गठन किया ओर आरोपिया रत्नाप्रेम पंवार ने रिश्वत की राशि प्राप्त करने के लिए अपने पति नरेन्द्र पंवार (63 वर्ष) को भेजा योजना के अनुसार, लोकायुक्त टीम ने राजगढ़ चौराहा,झाबुआ पर घेराबंदी की और नरेन्द्र पंवार को आवेदक कमल सिंह ठाकुर से 10,000 रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
पति-पत्नी पर मामला दर्ज
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी रत्नाप्रेम पंवार और उनके पति नरेन्द्र पंवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं 61(2) बीएनएस के अंतर्गत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

