उमरिया : जिले में रवि के सीजन में गेहूँ मुख्य फसल के रूप में ली जा रही है। उक्त फसल की कटाई मुख्य रूप से कंबाईन हार्वेस्टर के माध्यम से की जाती है। कंबाइन हार्वेस्टर से कटाई उपरांत फसलों की नरवाई में आग लगाने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। आग लगाने से भूमि की उर्वरा शक्ति में कमी होती है तथा पर्यावरण भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के द्वारा नरवाई में आग लगाने की घटनाओं को सेटेलाईट मैपिंग की जा रही है। नरवाई में आग लगाना कृषि के लिये नुकसानदायक होने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी हानिकारक है। इसके कारण विगत वर्षों में गंभीर स्वरूप की अग्नि दुर्घटनाएं घटित हुई है तथा व्यापक संपत्ति की हानि होती है। ग्रीष्म ऋतु में बढ़ते जल संकट में इससे बढोत्तरी तो होती है ही साथ ही कानून व्यवस्था के लिये विपरीत परिस्थितियां निर्मित होती हैं।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि खेत में आग के अनियंत्रित होने पर जन धन संपत्ति प्राकृतिक वनस्पति एवं जीव जन्तु आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे व्यापक नुकसान होता है। खेत की मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणु इससे नष्ट होते हैं, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति शनैः शनैः घट रही है और उत्पादन प्रभावित होता है। खेत में पड़ा कचरा भूसा डंठल सड़ने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं, जिन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करना है। आग लगाने से हानिकारक गैसों का उर्त्सजन होता है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होने वर्तमान मे गेहूँ फसल की कटाई उपरांत नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर नियंत्रण हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये उमरिया जिले की राजस्व सीमा अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का आदेश जारी किया है ।उन्होंने कहा है कि समस्त हार्वेस्टर मालिकों को निर्देशित किया है कि फसलों की कटाई में उपयोग किये जाने वाले कंबाईन हार्वेस्ट-के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा। कंबाईन हार्वेस्टर के साथ एसएमएस अथवा स्ट्रा रीपर में से कोई भी एक मशीन साथ में रखना अनिवार्य होगा।फसलों की कटाई उपरांत नरवाई में आग लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। पर्यावरण विभाग द्वारा जारी नाटिफिकेशन द्वारा नरवाई में आग लगाना दण्डनीय होगा। यह आदेश एक पक्षीय पारित किया जाता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अंतर्गत धारा 163(2) के अंतर्गत आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। आदेश का उल्लंघन करने व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी।

