जिले में इन दिनों चर्चाओं का माहौल बढ़ती गर्मी से भी ज्यादा गर्म है।बताया जा रहा है कि सेनापति पर अब सेना में शामिल लोगों के साथ-साथ जिले के कई लोगो को रास नही आ रहा है।
जिले के एक वरिष्ठ के द्वारा बताया गया है कि महीने डेढ़ महीने में एक बड़ा भूचाल आने वाला है।और कई रियासतों के सेनापतियों को अब बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।क्या अब बड़े दरबार को आभास हो चुका है कि डेढ़ दो साल के अंतराल में आने वाले छोटे बड़े युद्ध के लिए वतर्मान में तैनात सेनापति प्रशांगिक नही रह जाएगा।
हालांकि जिले में एक बड़ा तबका काफी शांत बैठा हुआ है।कहीं यह शांति किसी बड़े आगाज का इन्तेजार तो नही है।लेकिन एक बात तो साफतौर पर देखी जा सकती है कि वतर्मान सेनापति ने अपने आँख-नाक और कान किसी और के हवाले कर दिए है।किए भी किसी ऐसे के हवाले जिनका कोई दारोमदार नही है इस छोटे से राज्य में।
सेनापति अब सेनापति के साथ-साथ राजा भी बनने का सपना दिन के उजाले में देख रहा है।इस बात की भनक अब आलाकमान तक लग गई है।यह सेनापति कोई अकेला नही है इनके जैसे कई नए रंगरूट सेनापति की कमान तो ले लिए है पर लड़खड़ा कर भी नही चल पा रहे है।देखिए डेढ़ दो महीने वाली बात सच साबित होती है या यू ही कागजों की कस्ती के सहारे 20 साल की दूरियां कम होने का सपना पूरा होते खुले आँखों से ऐसे ही देखा जाता रहेगा।

