पटवारी आत्महत्या मामले में कलेक्टर के द्वारा नायाब तहसीलदार को निलंबित किया गया है।रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह में आयुक्त उज्जैन की अनुशंसा पर यह बड़ी कार्यवाही की है।
क्या लिखा है आदेश में
आलोट अन्तर्गत पदस्थ श्री रविशंकर खराड़ी, पटवारी हल्का नंबर 34 खजुरीदेवड़ा द्वारा दिनांक 21/04/2026 को आत्महत्या करने की जानकारी संज्ञान में आई। दिवगंत पटवारी द्वारा नक्शा बटांकन, भौका रिपोर्ट, पंचनामा एवं बटांकन फर्द में परिवर्तन का दबाव बनाये जाने हेत अपने नोट में वर्ण किया है । उक्त संदर्भ में प्रशनागत प्रकरण की मूल प्रति का अवलोकन किया गया। उक्त प्रकरण कमांक 16/3-3/2025-26 है एवं उससे संबंधित पूर्व के आवेदक एवं अनावेदक से जुड़े 4 नामांतरण के प्रकरण कमांक 1163/31-6/2025-26, प्रकरण क्रमांक 1409/अ-6/2025-26, प्रकरण कमांक 1888/1-6 /2025-26 एवं प्रकरण कमांक 1416/31-6/2025-26 का अवलोकन भी किया गया। अवलोकन पश्चात् प्रकरण अन्तर्गत प्रथमदृष्टया मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के अन्तर्गत निहित प्रकियाओं का पालन किया जाना नहीं पाया गया है। साथ ही मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के माध्यम से निर्धारित कोर्ट प्रकिया में भी कमियां पाई गई है, जो कि प्रकरण में संलग्न दस्तावेजों में परिलक्षित हो रही है।
2/ अतः उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूक्ष्म एवं निष्पक्ष जांच करवाया जाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही प्रकरण की संवेदनशीलता एवं जांच में किसी प्रकार का अवरूद्ध न उत्पन्न कर पाने की दृष्टि से श्रीमती सविता राठौर तत्कालीन नायब तहसीलदार, आलोट एवं वर्तमान भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय, रतलाम के विरूद्ध तत्काल प्रभाव से प्रशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित की जाती है।
3/अतः श्रीमती सविता राठौर तत्कालीन नायब तहसीलदार, आलोट एवं वर्तमान भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय, रतलाम का उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के तहत कदाचरण की श्रेणी में आकर अशोभनीय एवं निंदनीय है। अतएव श्रीमती राठौर को मध्यप्रदेश सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उप नियम (1) के प्रावधान के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन की अवधि में इनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी, रतलाम शहर रहेंगा ।
(संभाग आयुक्त, उज्जैन द्वारा अनुमोदित)
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