मध्य प्रदेश का जो पुराना विज्ञापन है जिसमें एक टैगलाइन है एमपी अजब है सबसे गजब है वास्तव में मध्य प्रदेश के लिए ही यह टैगलाइन बनी हुई है। दरअसल मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जो भी हुआ उसे सुनकर और पढ़कर के आप बेहद ही हैरान होने वाले हैं।
वैसे तो मध्य प्रदेश का रीवा जिला उपमुख्यमंत्री डॉ राजेंद्र शुक्ल का जिला माना जाता है। जाहिर है कि उपमुख्यमंत्री जो कि स्वास्थ्य मंत्री भी हैं अपने जिले में बेहतर डॉक्टर और स्टाफ को पोस्टिंग करवा कर रखे होंगे। ताकि सरकार की छवि के साथ-साथ उनकी भी छवि उनके जिले में अच्छी और सेहतमंद बनी रहे।
लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि उपमुख्यमंत्री डॉ राजेंद्र शुक्ल के जिले यानी रीवा के संजय गांधी चिकित्सालय में ऐसे डॉक्टर और ऐसा स्टाफ तैनात है जो कुत्ते के काटने के बाद में जिन्हें रेबीज का इंजेक्शन लगाना चाहिए उस मरीज को सांप काटने के बाद जो इंजेक्शन लगाया जाता है उसे इंजेक्शन को लगा देते हैं।
अब आप सोच की लापरवाही किसी स्तर की है।
क्या है पूरा मामला
18 वर्षीय आयुश सिंह पिता अंशुमान सिंह बताते हैं कि दिनांक 5 सितंबर की शाम 4:00 बजे मुझे एक कुत्ते ने काट लिया। रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए मैं संजय गांधी चिकित्सालय पहुंचा जहां मैंने पर्ची डॉग बाइट की बनवाई लेकिन मुझे एंटी वेनम इंजेक्शन लगा दिया गया। वही जवाब अपने घर आया और मेरे से जुड़े हुए लोगों ने पर्ची देखी तो कहा कि तुम्हें तो सांप काटने के बाद जो दवा दी जाती है उस इंजेक्शन को लगा दिया गया है। मैं दोबारा चिकित्सालय पहुंचा और पुनः डॉग बाइट को लेकर के पर्ची बनवाया तब दोबारा मुझे रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। पहले इंजेक्शन लगने के बाद जब मैं घर आया था तो मुझे हल्का-फुल्का चक्कर आने लगा था और मेरी तबीयत अच्छी नहीं लग रही थी। इस मामले की शिकायत मैंने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से की है।
सोचिए भला बिना सांप काटे अगर किसी को एंटी वेनम इंजेक्शन लगा दिया गया उसके बाद में रेबीज का इंजेक्शन भी लगा दिया गया है। अगर ऐसी हालत में इस युवक के स्वास्थ्य के साथ में कुछ होता है तो इसकी जवाबदारी किसकी होगी।


