जिला चिकित्सालय उमरिया में आज 14 अक्टूबर की रात 10:30 बजे के आसपास पैनल में आग लगने से अफरातफरी माहौल का निर्मित हो गया। आग लगने की सूचना मिलने के बाद मरीज और उनके अटेंडर जान बचाकर के जिला चिकित्सालय से निकलकर बाहर परिसर में खड़े हो गए। घटना की सूचना मिलने के तत्काल बाद फायर ब्रिग्रेड की मदद से आग पर काबू पाया गया है। एनआरसी में भर्ती छोटे-छोटे मासूम बच्चो और नवजातों को लेकर के उनकी मांए जान बचाकर बाहर भागी। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
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ग्राम जगुआ से आए हुए सोनू जिनकी पत्नी जिला चिकित्सालय में भर्ती है उन्होंने बताया कि मैं अपना मोबाइल चला रहा था तभी आग लगने की सूचना मिली। पूरी अस्पताल में धुआं भर गया था। जब मैंने सुना कि कहां जा रहा है कि भागो – भागो तब मैं अपनी पत्नी को लेकर के अस्पताल से बाहर आया।
अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती गुलजार सिंह ने बताया कि मेरी नींद लग चुकी थी। अचानक अस्पताल में भगदड़ मच गई और लोग हल्ला करने वालों की आग लग गई आग लग गई। फिर मैं बाहर निकाल करके आया।
अस्पताल में मरीज के अटेंडर के रूप में मौजूद यशोदा ने बताया कि मुझे लगा कि पटाखे जलने की आवाज आ रही है लेकिन बाद में पता चला कि यह शॉर्ट सर्किट की आवाज है। जहां 100 सर्किट हुई वहां आग फैल गई थी। मैं अपनी बहन और नाती को लेकर के अस्पताल में भर्ती हूं। अस्पताल में जब धुआ धुआ भरने लगा तो मैं सबको लेकर के बाहर निकल आई।
जिला चिकित्सालय उमरिया की लाइट केंद्रीय पैनल के माध्यम से दो पैनल में विभाजित है। उसमें से एक पैनल जो जिला चिकित्सालय के बीच आंगन में है। उसे पैनल में शॉर्ट सर्किट कारण आग लग गई थी। उसे आपको अग्निशमन यंत्रों के माध्यम से बुझा दिया गया है। शॉर्ट साड़ी कारण सभी वार्डों में धुआं भर गया था इसलिए मरीजो की सुरक्षा के लिए उन्हें अस्पताल से बाहर कर दिया गया। आग बुझाने के बाद सभी मरीजों को अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। किसी भी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है।
जिला चिकित्सालय में देर रात 11:30 तक सभी मरीजो को उनके वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।स्थिति सामान्य है।

