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Weather Forecast : MP में अगले 24 घटों में होगी भारी बारिश IMD ने जारी की 13 सूत्रीय एडवाइजरी

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Jun 21, 2025 5:30 PM IST

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Weather Forecast : MP में अगले 24 घटों में होगी भारी बारिश IMD ने जारी की 13 सूत्रीय एडवाइजरी
— Weather Forecast : MP में अगले 24 घटों में होगी भारी बारिश IMD ने जारी की 13 सूत्रीय एडवाइजरी

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Weather Forecast : मौसम केंद्र भोपाल के द्वारा अगले 24 घंटे के लिए मौसम का अलर्ट जारी किया गया है जिसमें भारी बारिश की संभावना जताई गई है ।21-26 जून, 2025 के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य प्रदेश, गुजरात और कोंकण एवं गोवा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि 21 और 23 जून को क्रमशः गुजरात क्षेत्र और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।

अगले 3 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है और उसके बाद अगले 4 दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।

वही मौसम केंद्र भोपाल के द्वारा मध्य प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट तो अधिकतर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.

देखिए अलर्ट 

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सिनोष्टिक मौसमी परिस्थितियां

  • मानसून की उत्तरी सीमा 25.0°N/60.0°E, 25.0°N/65.0°E, 25.5°N/70.0°E, जयपुर, आगरा, रामपुर, देहरादून, शिमला, मनाती और 33.5 N/79.0°E से होकर गुज़र रही है।
  • अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर के शेष हिस्सों, राजस्थान के कुछ और हिस्सों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के शेष हिस्सों और जम्मू और कश्मीर-गिलगित-बाल्टिस्तान मुज़फ़्फ़राबाद के कुछ हिस्सों, तद्दाख के कुछ और हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। अगले 2 दिनों के दौरान जम्मू और कश्मीर, लद्दाख के शेष हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों और चंडीगढ़ और दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ भी अनुकूत हो रही हैं।
  • दक्षिण-पश्चिम बिहार और आसपास के इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र आज, 21 जून 2025 को 0830 बजे IST पर बना हुआ है। इससे जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। यह धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 12 घंटों के दौरान धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।
  • एक चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पूर्व राजस्थान और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।
  • दक्षिण-पश्चिम बिहार और मध्य प्रदेश के मध्य भागों पर कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से होकर अब यह ट्रफ़ पूर्वोत्तर बांग्लादेश से दक्षिण गुजरात क्षेत्र तक जाती है, जो माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर है।
  • एक चक्रवातीय परिसंचरण असम के मध्य भागों में माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।
  • पूर्व-पश्चिम ट्रफ़ अब मध्य पाकिस्तान से उत्तर-पश्चिम राजस्थान होते हुए मध्य असम के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण, उत्तर-पूर्व राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, दक्षिण-पक्षिम बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल और मेघालय के ऊपर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक जाती है।

वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारें

बुरहानपुर,भोपाल, विदिशा, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा खरगौन, बड़वानी, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन देवास शाजापुर ,रायसेन, अलीराजपुर, रतलाम, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया भिड, मुरैना, श्योपुरकला, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, मैहर, पांढुर्णा जिलों ,मंदसौर, नीमच, सिंगरौली सीधी, रीवा, मऊगंज, डिंडोरी, जबलपुर, बालाघाट, पत्रा, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों में।

बारिश का Orange Alert 

अति भारी वर्षा /वज्रपात / झंझावात / झोंकेदार हवाएं (30-40 किमी/घंटा)

नीमच, अशोकनगर, सीधी, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों में।

बारिश का Yellow Alert 

भारी वर्षा/वज्रपात / झंझावात / झोंकेदार हवाएं (30-40 किमी/घंटा)

मंदसौर, गुना, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सिंगरौली, मऊगंज, सतना, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर में।

वज्रपात / झंझावात / झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी/घंटा)

भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, उज्जैन, दे शाजापुर जिलों में।

     वज्रपात / झंझावात / झोंकेदार हवाएं (30-40 किमी/घंटा)

अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, आगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडो कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा जिलों में।

रखें यह विशेष सावधानियां

  1. भारी बारिश के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।
  2. निचले इलाकों, जिनमें सड़‌कें और अंडरपास शामिल हैं. में जलभराव की संभावना है, जिससे यातायात जाम और देरी हो सकती है।
  3. भारी वर्षा से जमा हुआ पानी जतजनित रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है।
  4. झोकेदार तेज हवाओं के कारण उड़ने वाता मलबा और कम दृश्यता हो सकती है, जिससे पात्रा और परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। यदि संभव हो तो मात्रा करने से बचें।
  5. परिवहन व्यवस्था सहित निकासी के तरीके के बारे में पहले से योजना बना लें। वाहन धीरे वताएँ और स्टीयरिंग व्हीत को मजबूती से पकड़े, पुलों और ऊँची खुली सड़कों से बचें।
  6. मवान (सकैफोल्डिंग और निर्माण स्थलों से दूर रहें। ऊँचे या खुले इलाकों में न जाएँ। खुसुते खेतों और बाहरी गतिविधियों के दौरान बिजली गिरने का खतरा बना रहता है।
  7. बिजली के खंभे, अस्थायी शेठ और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना है। आंधी तूफान के दौरान खुले खेतों में कार्य करने से बचे।
  8. गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहे, खिड़‌कियां और दरवाजे बंद करें और पदि संभव हो तो यात्रा से बचें।
  9. आपातकालीन किट में आवश्यक वस्तुएं जैसे कि जल्दी खराब न होने वाला भोजन, पानी, दवाड्‌या, टॉर्च, बैटरी और प्राथमिक चिकित्सा किट रखें।
  10. सुरक्षित आश्रय ले, पेड़ों के नीचे शरण न ते तथा तूफान के दौरान जत निकायों से तुरंत बाहर निकले। पेड़ों और बिजली की तारों से दूर रहें।
  11. कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें। इलेक्ट्रिकल / इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें एवं उन सभी वस्तुओं से दूर रहें जी बिजती का संचालन
  12. पशुओं का विशेष ध्यान रखें सभी जानवरों को रात के दौरान विशेष रूप से संरक्षित और सुरक्षित पशु खेत में रखा जाना चाहिए।
  13. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक सोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नज़र रखने

कृषकों के लिए विशेष सलाह

बारिशा या तेज हवा के दौरान उर्वरक या कीटनाशक का छिड़काव न करें, बर्बादी और फसल को नुकसान से बचने के लिए साफ मौसम का इंतजार करें।

भारी वर्षा के दौरान या उसके पूर्वानुमान में सोयाबीन, मक्का या दलहनी खरीफ फसलों की बुवाई से बचें, ताकि बीज बहने और खराब अंकुरण से बचा जा सके। तेज हवा और भारी वर्षा के दौरान नवबोई गई फसलों या नसीरयों को पुआत या शेड नेट से ढक दें।

आंधी-तूफान के समय पशुओं को पेड़ों के नीचे या खुते स्थानों पर न बांध। नमी के कारण संक्रमण से बचने के लिए पशु शेठ को नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित करें।

पशुओं और मुर्गियों को ढके हुए, हवादार शेठ में रखें। साफ पीने के पानी और सूखी बिछावन की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

आंधी-तूफान के समय पशुओं को चरने के लिए बाहर न जाने दें।

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संजय विश्वकर्मा खबरीलाल न्यूज़ पोर्टल हिंदी में कंटेंट राइटर हैं। वे स्टॉक मार्केट,टेलीकॉम, बैंकिंग,इन्सुरेंस, पर्सनल फाइनेंस,सहित वाइल्ड लाइफ से जुड़ी खबरें लिखते हैं।संजय को डिजिटल जर्नलिज्म में 8 वर्ष का अनुभव है।आप संजय से 09425184353 पर सम्पर्क कर सकते हैं।… और पढ़ें

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