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कड़कड़ाती ठंड में स्कूल का तुगलकी फरमान बन्द कर दिया गया स्कूल का गेट

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उमरिया : जिला इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है। मौसम केंद्र भोपाल के द्वारा उमरिया जिले के लिए वैसे तो कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जैसा कि आपने भी देखा कि सोमवार को सुबह 12:00 के आसपास जिले भर में धूप निकली है। वहीं सोमवार की दोपहर को जारी हुए अलर्ट के में भी मौसम केंद्र भोपाल के द्वारा उमरिया को मध्य प्रदेश के टॉप 5 ठंडा शहरों में शामिल बताया गया। इसके साथ ही कोहरे का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में स्कूलों में तो छुट्टियां हुई प्राइमरी विद्यालयों की लेकिन उमरिया में नहीं हुई।

इसके बावजूद भी छोटे-छोटे बच्चे सुबह-सुबह आपको स्कूल जाते हुए मिल जा रहे हैं। भीषण ठंड के बीच अगर बच्चे 5 से 10 मिनट भी लेट हो रहे हैं तो स्कूलों में उन्हें गेट के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

ताजा मामला उमरिया के आरसी विद्यालय का है जहां एक अभिभावक के द्वारा इन तस्वीरों को चुपचाप तरीके से अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया गया। नाम और पहचान ना बताने की शर्त पर अभिभावक ने बताया कि बच्चे महज 5 से 10 मिनट लेट हुए थे लेकिन उन्हें गेट के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। और काफी समय तक बाहर खड़ा रखा गया।

उन्होंने बताया कि शायद अंदर स्कूल की प्रार्थना चल रही थी लेकिन छोटे-छोटे बच्चे सड़क पर खड़े रह गए। तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि बच्चों को लंबी लाइन स्कूल के सामने लगवा दी गई है जबकि यह एक व्यस्ततम सड़क भी है जो उमरिया को सीधे कछरवार से जोड़ती है। इस दौरान अगर बच्चे किसी वाहन की चपेट में आ जाएंगे तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ? लापरवाही भारी है तस्वीर जिला मुख्यालय उमरिया की है जहां तुगलगी फरमान जारी करके बच्चों को स्कूल के बाहर खड़ा कर दिया गया।

हालांकि इस मामले में जब विद्यालय के संचालक से विश्वजीत पांडे से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यह क्रम रोज चलता है। उन्होंने कहा कि असेंबली के समय यानी प्रेयर के समय व्यवधान उत्पन्न हो इसलिए बच्चो को बाहर ही खड़ा कर दिया जाता है।

वही इस मामले में फोटो खींचने वाले अभिभावक का कहना है कि ठंड में अगर बच्चे चार-पांच मिनट लेट हो जाते हैं, और बच्चों को अगर सुबह-सुबह ऐसी सजा दी जाती है तो बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ता है।

हालांकि आरसी विद्यालय एक निजी विद्यालय है और उसके संचालन की गतिविधियां कैसी होनी चाहिए यह वहां के संचालक के निर्णय की आधार पर ही होगी। लेकिन कुछ ऐसे नियम है जिन्हें हर एक व्यक्ति को मनाना ही पड़ता है जैसे कोई भी व्यक्ति अपने निजी काम के लिए या अपने निजी संस्थान के लिए सड़क ब्लॉक नहीं कर सकता। इसके साथ ही जब उमरिया ठंड के ऐसे कहर से गुजर रहा है। तब बच्चों को खुले स्थान पर खड़ा रखना यह भी कितना उचित है इसका निर्णय तो पाठक स्वयं लेंगे।

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उमरिया
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संजय विश्वकर्मा खबरीलाल न्यूज़ पोर्टल हिंदी में कंटेंट राइटर हैं। वे स्टॉक मार्केट,टेलीकॉम, बैंकिंग,इन्सुरेंस, पर्सनल फाइनेंस,सहित वाइल्ड लाइफ से जुड़ी खबरें लिखते हैं।संजय को डिजिटल जर्नलिज्म में 8 वर्ष का अनुभव है।आप संजय से 09425184353 पर सम्पर्क कर सकते हैं।