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अमरकंटक से खींची गई सुपरनोवा की दुर्लभ तस्वीर प्री–डिस्कवरी “एस्ट्रोनॉमर्स टेलीग्राम मे हुई प्रकाशित

पिनवील गैलेक्सी में घटित हुए सुपरनोवा की तस्वीर खोज के समय के पूर्व ही, अमरकंटक में नगरीय प्रशाशन विभाग में उपयंत्री के पद पर पदस्थ देवल सिंह द्वारा खींची गई है । यह एक टाइप 2 सुपरनोवा है । अंतरिक्ष में होने वाले सबसे भयानक विस्फोट के कारण सुपरनोवा का निर्माण होता है ।जब कोई तारा अपने जीवन चक्र के अंतिम पड़ाव पर होता है और उसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से न्यूनतम आठ गुना से अधिक होता है, तथा तारे के जीवनकाल में उसका द्रव्यमान लगातार उसके केंद्र में न्यूक्लियर फिशन के प्रक्रिया के तहत में इकट्ठा होकर लौह कोर के रूप में निर्मित होता रहता है।

अमरकंटक से खींची गई सुपरनोवा की दुर्लभ तस्वीर प्री–डिस्कवरी "एस्ट्रोनॉमर्स टेलीग्राम मे हुई प्रकाशित

जिस समय तारा अपने केंद्र में इतना द्रव्यमान संचायित कर लेता है की वह अपने ही द्रव्यमान को नियंत्रित नहीं कर सकता तो सुपरनोवा के रूप में प्रस्फुटित हो जाता है। जिससे  अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा तथा द्रव्यमान अंतरिक्ष में फैल जाता है जिसके कारण यह अत्यधिक चमकीला दिखाई देता है ।

अमरकंटक से खींची गई सुपरनोवा की दुर्लभ तस्वीर प्री–डिस्कवरी "एस्ट्रोनॉमर्स टेलीग्राम मे हुई प्रकाशित

यह बहुत ही दुर्लभ और विशालतम  खगोलीय घटना मानी जाती है ।  इसी प्रकार की घटना दिनांक 18 और 19 मई के बीच हमारी पृथ्वी से लगभग 2 करोड़ 87 लाख  प्रकाशवर्ष दूर पिनवील गैलेक्सी (मेसियर 101) में घटित होते हुए अमरकंटक की पावन धरती से दर्ज की गई। इस सुपरनोवा को एसएन2023IXF नाम दिया गया है । उल्लेखनीय है की इस सुपरनोवा की खोज जापान के खगोलविद के. इतागकी द्वारा सर्वप्रथम  19 मई को की गई , परंतु अमरकंटक जिला अनूपपुर में नगरीय प्रशासन विभाग में उपयंत्री के पद पदस्थ देवल सिंह ने इस खोज के पूर्व ही सुपरनोवा अपने इमेजिंग टेलीस्कोप से ऑब्जर्व कर लिया था। श्री सिंह के द्वारा खोज के पूर्व ही खींची गई सुपरनोवा की फोटो का प्रमाणीकरण देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित वेधशालाओं के टेलीस्कोपिक सिस्टम्स से किया गया । और दिनांक 25 मई 2023 को यह प्री–डिस्कवरी “एस्ट्रोनॉमर्स टेलीग्राम मे प्रकाशित की गई ।

अमरकंटक से खींची गई सुपरनोवा की दुर्लभ तस्वीर प्री–डिस्कवरी "एस्ट्रोनॉमर्स टेलीग्राम मे हुई प्रकाशित

कौन हैं देवल सिंह

देवल सिंह जो की पेशे से एक सिविल इंजीनियर हैं तथा नगरीय प्रशाशन विभाग में उपयंत्री के रूप में अमरकंटक में  वर्तमान में पदस्थ हैं,  एक एमेचर एस्ट्रोफोटग्राफर हैं जो की अपने इमेजिंग टेलिस्कोप से अंतरिक्ष की दुर्लभ तस्वीरें खींचते हैं। श्री सिंह के द्वारा बताया गया की वो दिनांक 18 मई और 19 मई को पिनेहील गैलेक्सी की तस्वीरें खींच रहे थे जिस समय संयोगवश यह सुपरनोवा ऑब्जर्व उनके द्वारा किया गया। देवल सिंह ने बताया कि अमरकंटक का लाइट पॉल्यूशन लेवल सिटी सेंटर में बोर्टल स्केल पर 3 से 4 के बीच है , तथा  सिटी सेंटर से 3 किलोमीटर दूर ही बोर्टल 1 से 2 के बीच प्राप्त होता है जिसके कारण अमरकंटक  इसस्टार्गेजिंग तथा खगोलीय ऑब्जर्वेशन हेतु एक बेहतरीन स्थान है। अमरकंटक का स्काई क्वालिटी मैग्नीट्यूड 21.67 के आसपास है, जो की  इसे खगोलीय ऑब्जर्वेशन हेतु आदर्श स्थल है।

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Sanjay Vishwakarma

संजय विश्वकर्मा (Sanjay Vishwakarma) 41 वर्ष के हैं। वर्तमान में देश के जाने माने मीडिया संस्थान में सेवा दे रहे हैं। उनसे servicesinsight@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। वह वाइल्ड लाइफ,बिजनेस और पॉलिटिकल में लम्बे दशकों का अनुभव रखते हैं। वह उमरिया, मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने Dr. C.V. Raman University जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में BJMC की डिग्री ली है।

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