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मैहर स्टेशन को वर्ल्ड  क्लास बनाने में सुरक्षा मानक थर्ड क्लास सकता है गंभीर हादसा

  • ठेकेदार की लापरवाही से किसी भी दिन हो सकता है गंभीर हादसा
  • लोहे की जाली उठाने के काम में क्रेन लगी फिर भी सेफ्टी कैप तक नहीं दी गई
  • मैहर रेलवे स्टेशन में फ्रंट लोकेशन पर बन रही सीपीसी सीट का काम शहडोल की एक निर्माण एजेंसी द्वारा किया जा रहा है जिसमे काम कर रहे मजदूरों को बिना शेफ्टी के काम करवाया जा रहा है

अमृत भारत प्रोजेक्ट में शामिल मैहर स्टेशन को वल्र्ड क्लास बनाने के लिए रेलवे द्वारा करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं। स्टेशन के निर्माण कार्य के लिए जिस ठेका कंपनी को काम दिया गया है वह मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ करती दिखाई दे रही है। ऐसे में मैहर स्टेशन में कभी भी कोई गंभीर घटना घटित हो सकती है। असुरक्षा के बीच मजदूरों से काम लेने वाले ठेकेदार को रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं। शायद सभी को उस दिन का इंतजार है जब कोई हादसा हो।

सुरक्षा के किसी भी मानक का पालन नहीं

मैहर स्टेशन का निर्माण कार्य दस करोड़ रुपए की लागत से हो रहा है। पीएम मोदी के द्वारा सतना और मैहर स्टेशन का कायाकल्प पर यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए इन्हें स्कीम में शामिल किया था। वहीं जिस कंपनी को स्टेशन के निर्माण का जिम्मा मिला है वह पूरी तरह से लापरवाह बनी हुई है। कंपनी के द्वारा लोहे के बड़े-बड़े जाल उठवाने के लिए क्रेन की मदद ली जा रही हैं वहीं मजदूरों की सुरक्षा के लिए एक अदद सेफ्टी कैप नहीं दी जा रही है। इसके अलावा 30 से 35 फीट की ऊंचाई में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी कोई सुरक्षा उपकरण नहीं किए जा रहे।

कभी भी हो सकता है हादसा

मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के पहले भी मामले सामने आ चुके हैं। हादसों के बाद जिले की कानून व्यवस्था बिगड़ती है। इसके बाद भी सब कुछ भुला दिया जाता है। मजदूरों को असुरक्षित तरीके से ऊंची बिल्डिंग में चढ़ाने और गिरने की घटना सतना के जगतदेव तालाब में हो चुकी है। शायद ऐसे ही हादसे का इंतजार रेलवे के ठेकेदार को भी है।

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