IMD Alert : ठंड का मौसम हो या गर्मियों का मौसम मध्य प्रदेश का उमरिया जिला हर मौसम में सुर्खियां बटोरता है। आपको याद होगा कि उमरिया जिले में ठंड के दिनों में लगातार कोल्ड वेव्स का अलर्ट लगभग 15 से 20 दिनों तक बना रहा। वही मौसम केंद्र भोपाल के द्वारा जारी बुलेटिन पर उमरिया में अब लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है।मौसम केंद्र भोपाल के द्वारा जारी अलर्ट में हैरान का देने वाली बात यह है कि मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में जहां झंझावात, वज्रपात और झोंकेदार हवाओं के चलने की संभावना जताई गई है वहीं दर्जनभर जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश के बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बुरहानपुर जिलों में अगले 24 घंटे में झंझावात और वज्रपात और झोकेदार हवाओं के चलने की सम्भवना जताई गई है।
इन जिलों में लू का यलो अलर्ट
मध्य प्रदेश के अलीराजपुर, झाबुआ,रतलाम, गुना,उमरिया,डिंडोरी, मंडला, पन्ना, छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
सुझाये गए कार्य
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ और शरीर को हाइड्रेट रखे।
- दिन के सबसे गर्म समय (दोपहर 12 से 3 बजे) के दौरान बाहर जाने से बचें। पात्रा करते समय अपने साथ पानी जरूर रखें।
- ORS नींबू पानी छाछ, लस्सी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।
- दोपहर के समय बढ़ते तापमान के कारण लोगों को लंबे समय तक सीधे धूप में रहने से बचने की सलाह दी जाती है।
- हत्के वजन के हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें। सिर को कपड़े, टोपी या खाते से ढकें।
- बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ी में न छोड़ें।
- यदि आपको चक्कर आए या अस्वस्थ महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्था समस्याओं से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें।
- धूप में ज्यादा शारीरिक मेहनत (heavy work) करने से बचें।
- भारत मोसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नजर रखें।
कृषकों के लिए विशेष सलाह
- स्पष्ट मौसम का उपयोग गेहूं और दलहनी फसलों जैसी रबी फसलों की कटाई, सुखाने और मड़ाई के लिए करें।
- किसानों को आंधी-तूफान की गतिविधि के दौरान खेतों में कार्य स्थगित करने की सलाह दी जाती है।
- कटाई के बाद उपज को अच्छी तरह सुखाकर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें ताकि खराब होने से बचाया जा सके।
- फसल अवशेषों को न जलाएं, उन्हें मिट्टी में मिलाकर उसकी उर्वरता बढ़ाएं।
- जहां पर्याप्त नमी उपलब्ध हो, वहां बुवाई का कार्य पूरा करें।
- अंकुरण और प्रारंभिक वृद्धि के लिए मिट्टी में उचित नमी बनाए रखें।
- पशुओं को छायादार और अच्छी तरह हवादार स्थान पर रखें तथा उन्हें बार-बार स्वच्छ और ठंडा पेपजल उपलब्ध कराएं।
- शुष्क और गर्म परिस्थितियों में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करें।
- दृष्टिकोण अगले 5 दिनों के लिए अधिकतम व न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं।

