जिले की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष छिंदवाड़ा अमित सक्सेना ने भाजपा की प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वे शनिवार शाम 6:30 बजे छिंदवाड़ा स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में पूर्व सांसद नकुलनाथ के समक्ष कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनके इस फैसले को जिले में भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
अमित सक्सेना का यह कदम किसानों के मुद्दे पर हाल ही में किए गए आंदोलन और भाजपा संगठन के साथ बढ़े विवाद के बाद सामने आया है। दो दिन पहले ही उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर विशाल आमसभा की थी और कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्य शासन के नाम ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने, चौसरा में प्रस्तावित न्यूक्लियर प्लांट का काम रोकने, किसानों को चार गुना मुआवजा देने तथा पानी की व्यवस्था के लिए कुएं और ट्यूबवेल खुदवाने जैसी मांगें उठाई थीं।
इस आंदोलन के बाद भाजपा जिला छिंदवाड़ा अध्यक्ष शेषराव यादव ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके विरोध में सक्सेना ने अपने इस्तीफे में किसानों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने और जनता की आवाज उठाने का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें जनता ने चुना है और वह किसानों के हित के लिए लगातार संघर्ष करने के लिए कटिबद्ध हैं, भाजपा में रहते हुए यह संघर्ष संभव नहीं है क्योंकि नेतृत्व उन्हें इस बात की अनुमति नहीं दे रहा इसलिए अब वह इस्तीफा देकर किसानों की लड़ाई जारी रखेंगे ।
गौरतलब है कि अमित सक्सेना जिला पंचायत सदस्य का चुनाव करीब 22 हजार मतों के रिकॉर्ड अंतर से जीतकर चर्चा में आए थे। लोकसभा चुनाव के दौरान वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। अब उनकी कांग्रेस में प्रस्तावित वापसी से जिले का राजनीतिक समीकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शनिवार को राजीव भवन में होने वाला सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम जिले की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

