IMD Alert : मौसम केंद्र भोपाल के द्वारा अगले 24 घण्टो के लिए Heat Wave का Orange और Yellow Alert जारी किया गया है। भीषण गर्मी के कारणों से जहां मध्यप्रदेश के दर्जनों जिलो में 1 मई से पहले ही मिडिल स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।वही कई जिले ऐसे भी है जहां इस भीषण गर्मी में छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने को मजबूर है।जिसमे शहडोल संभाग के जिले भी शामिल है।
हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट
विदिशा, रायसेन, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलो में हीट वेब के साथ साथ इंदौर, उज्जैन जिलो में रातें भी गर्म होगी।
हीट वेव का यलो अलर्ट
भोपाल, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, शाजापुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, शहडोल, उमरिया जिलो में हीट वेब का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
क्यों पड़ रही है भीषण गर्मी
- पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी पवनों में एक टूफ के रूप में, जिसका अक्ष समुद्र तल से 5.8 किमी ऊँचाई पर, लगभग 80° पूर्व देशांतर के साथ 32″ उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र के ऊपर स्थित ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण, जो समुद्र तल से 1.5 किमी तक फैला हुआ है, अभी भी बना हुआ है।
- पूर्वी बिहार और आसपास के क्षेत्र के ऊपर स्थित ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण अब उत्तर-पूर्व झारखंड और आसपास के क्षेत्र पर 0.9 किमी ऊँचाई पर स्थित है।
- उत्तर आंतरिक कर्नाटक से कोमोरिन क्षेत्र तक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के ऊपर से गुजरने वाली टूफ पवन विच्छिन्नता, जो समुद्र तल से 0.9 किमी ऊँचाई पर है, बनी हुई है।
- आंतरिक महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्र के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी ऊँचाई के बीच स्थित प्रति-चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।
- मध्य प्रदेश के मध्य भागों के ऊपर 1.5 किमी ऊँचाई पर एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण स्थित है।
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ और शरीर को हाइड्रेट रखें।
MP के दर्जनों जिलो में Heat Wave का Orange Alert जारी पढ़िए पूरी मौसम अपडेट
रखें ये सावधानियां
- दिन के सबसे गर्म समय (दोपहर 12 से 3 बजे) के दौरान बाहर जाने से बचें। यात्रा करते समय अपने साथ पानी जरूर रखें।
- ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।
- दोपहर के समय बढ़ते तापमान के कारण लोगों को लंबे समय तक सीधे धूप में रहने से बचने की सलाह दी जाती है।
- हल्के वजन के, हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहनें। सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें।
- बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ी में न छोड़ें। पदि आपको यक्कर आए या अस्वस्थ महसूस हो. तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें। धूप में ज्यादा शारीरिक मेहनत (heavy work) करने से बचें।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नज़र रखें।
किसानो के लिए विशेष सलाह
- मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करें। पानी की बर्बादी कम करने के लिए सुबह या शाम के समय सिंचाई करें।
- मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें। तेज गर्मी के समय उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग न करें।
- फसलों को सही समय पर परिपक्क अवस्था में काटें ताकि गर्मी से नुकसान न हो। फसलों में चूसक कीटों की नियमित निगरानी करें।
- अनुशंसा के अनुसार समय पर नियंत्रण उपाय करें। दोपहर की तेज गर्मी में छिड़काव से बचें।
- पशुओं को छाया और हवादार स्थान पर रखें। साफ पीने का पानी दिन में 3-4 बार उपलब्ध कराएं।
- पशुओं के आहार में खनिज मिश्रण और नमक मिलाएं। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच चराई से बचें। गर्मी के तनाव को कम करने के लिए पानी का छिड़काव या अन्य ठंडक उपाय अपनाएं

