मध्य प्रदेशस्टेट न्यूज

MP News : 66वी राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारम्भ हुआ,प्रदेश के 8 संभाग के प्रतिभागी होंगे शामिल

MP News : शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता आगामी 11 दिसम्बर तक आयोजित की जायेगी। इसमें 14 वर्ष, 17 वर्ष और 19 वर्ष आयु वर्ग के जिमनास्टिक तथा मल्लखंब के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इसमें उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा, ग्वालियर, नर्मदापुरम, भोपाल और इन्दौर के खिलाड़ी शामिल होंगे।

MP News : आज गुरूवार को मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदरसिंह परमार के मुख्य आतिथ्य में चारधाम मन्दिर के पास स्थित शासकीय श्रीकृष्ण सरल उमावि महाराजवाड़ा क्रमांक-2 के परिसर में 66वी राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया गया।

ये रहे उपस्थित :

कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक उज्जैन उत्तर  पारस जैन ने की। बतौर विशिष्ट अतिथि महापौर मुकेश टटवाल, मप्र फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष ओम जैन, विवेक जोशी, एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी और एमजी सुपेकर कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री इंदरसिंह परमार द्वारा इस अवसर पर परिसर में पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाये गये नूतन जिमनास्टिक हॉल का लोकार्पण भी किया गया। इस दौरान अतिथियों ने हॉल का भ्रमण किया तथा वहां खिलाड़ियों द्वारा जिमनास्टिक के अन्तर्गत दिखाये जा रहे करतब का अवलोकन किया।

इन संभागों से प्रतिभागी होंगे शामिल :

अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया। खिलाड़ियों द्वारा इस दौरान मार्चपास्ट किया गया। उल्लेखनीय है कि उक्त शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता आगामी 11 दिसम्बर तक आयोजित की जायेगी। इसमें 14 वर्ष, 17 वर्ष और 19 वर्ष आयु वर्ग के जिमनास्टिक तथा मल्लखंब के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इसमें उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा, ग्वालियर, नर्मदापुरम, भोपाल और इन्दौर के खिलाड़ी शामिल होंगे।

 सर्वंगीण विकास के लिए खेल जरुरी :

शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद का जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। हमारे देश की संस्कृति और सभ्यता अत्यन्त प्राचीन है। हमारे देश के मध्य प्रदेश और मध्य प्रदेश के उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण विद्याध्ययन के लिये आये थे। उस समय में भी शिक्षा का केन्द्र उज्जैन ही था। पूरे देश में प्राचीन समय में सात लाख से अधिक गुरूकुल थे। हमारे देश में लागू की गई नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरे विश्व में एक बहुत बड़े मंथन के रूप में देखा जाता है। देश को एक जिम्मेदार, देशभक्त और एक श्रेष्ठ नागरिक देने का काम शिक्षा का होता है। हमारा प्रयास है कि मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा बच्चों को उनकी मातृभाषा में दिलवाई जायेगी। हाल ही में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी माध्यम से कराने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना है।

बदला हैं प्रदेश का शैक्षणिक वातावरण:

वर्तमान में 53 स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की पढ़ाई प्रारम्भ की गई है। मध्य प्रदेश का शैक्षणिक वातावरण काफी बदला है। समग्र मूल्यांकन पद्धति में भी परिवर्तन किया गया है। मंत्री इंदर सिंह परमार ने सभी बच्चों को अपनी ओर से उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

 

अतिथि उद्बोधन के पश्चात आयोजित किये गये सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शासकीय उत्कृष्ट उमावि माधव नगर की छात्रा द्वारा गणेश स्तुति नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की गई। शासकीय कन्या उमावि धानमंडी की छात्राओं द्वारा सामूहिक राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात श्री अरविंद जोशी के मार्गदर्शन में और रजनी नरवरिया के तकनीकी निर्देशन में दिव्यशक्ति लोककला संस्थान द्वारा लाठी प्रदर्शन किया गया।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button