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MP News : संत जोसेफ स्कूल को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने जारी की नोटिस,ये है पूरा मामला

सागर जिले के संत जोसेफ स्कूल का मामला अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, तक पहुँच गया हैं,अखबारों में छपी खबर देखने के बाद आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कलेक्टर को नोटिस जारी करते हुए अभिमत माँगा हैं.

MP News : हम सब एक हैं और सभी धर्मों का रास्ता एक ही हैं ये सब बातें आपने अपने बाल्यकाल में विद्या अध्ययन के दौरान सीखी होंगी लेकिन जब विद्यालय की धर्म को लेकर एक पक्षीय हो जाएँ या किसी धर्म विशेष के प्रति नफरत पाल लें तो सोचिए भला उन बच्चों की मानसिक स्थिति क्या होगी जो ऐसे विद्यालय में अध्ययनरत है.

क्या हैं पूरा मामला :
पूरा मामला सागर जिले में मिशनरी द्वारा संचालित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल का है जहा 10 कक्षा के छात्रों द्वारा लंच ब्रेक के दौरान जय श्रीराम के नारे लगा दिए गए,नारे लगाने की जानकारी जैसी ही स्कूल प्रबंधन को लगी तो उन्होंने इसे अनुशासन हीनता मानते हुए नारे लगाने वाले करीब दर्जन भर छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया वही मामले की जानकारी जब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग तक पहुंची तो इसे गंभीर मामला मानते हुए कलेक्टर सागर को नोटिस जारी कर अभिमत माँगा गया हैं और 7 कार्यदिवस के भीतर जबाव पेश करने के लिए कहा गया है.

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली ने नोटिस संख्या MP 01/NCPCR CP/December/2022-23/SM दिनांक: 10/12/2022,Notice U/s 13 (1) (J) of CPCR Act 2005 जारी कर कलेक्टर सागर को संबोधित करते हुए लिखा हैं
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीपीसीआर) अधिनियम, 2005 की धारा-3 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय है। आयोग को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012, किशोर न्याय अधिनियम, 2015 तथा निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के उचित और प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करने का कार्य सौंपा गया है। सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 13 के तहत आयोग को देश में बाल अधिकारों और संबंधित मामलों के रक्षण और संरक्षण के लिए अधिदेशित किया गया है। इसके साथ ही आयोग को सीपीसीआर अधिनियम, 2005 की धारा 14 के तहत धारा 13 (1) (जे) में निर्दिष्ट किसी विषय की जांच करते समय और विशिष्ट विषयों के संबंध में वह सभी शक्तियां प्राप्त हैं, जो सिविल प्रक्रियां संहिता 1908 के अधीन किसी वाद का विचारण करते समय सिविल न्यायालय को होती हैं।

2. आयोग ने उपरोक्त विषयान्तर्गत समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13 (1) (j) के अंतर्गत स्वतः संज्ञान लिया है।

3. प्रकाशित खबर के अनुसार सागर जिले में स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में स्कूली छात्रों के द्वारा कक्षा में जय श्री राम के जयकारे लगाने पर स्कूल प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 12 छात्रों को सस्पेंड कर दिया और बाकियों से माफीनामा लिखवाया। “(खबर छायाप्रति संलग्न)

4. प्रथम दृष्टया यह बच्चों को संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक अभव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से वंचित करने तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा-17 के उलंघन का एक गंभीर मामला प्रतीत होता है। अतः यह सुनिश्चित करते हुए की बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, प्रकरण की जाँच करवाकर जाँच आख्या, आवश्यक दस्तावेजों के साथ आयोग को पत्र प्राप्ति के 07 दिनों के भीतर भेजने का कष्ट करें।

5. यह पत्र आयोग के माननीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार जारी की गया है।

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