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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हुआ बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को खरगोन जिले बिस्टान के अनकवाडी में लाडली बहना सहित पैसा एक्ट जागरुकता की सभा के दौरान मंच से बहनों के साथ भांजियों के लिए भी बड़ी घोषणा की। लाडली बहनो के लिए जहां एक हजार रुपए बैंक खातो में डालने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरु हुई है तो वही मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि में भी बदलाव करते हुए भांजियों को गृहस्थी सामग्री के बजाय नगद राशि का चेक दिया जाएगा, जिससे वे खुद अपनी पसंद की सामग्री खरीद सकेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि कई जगह घटिया सामग्री देने की एवं योजना में गड़बड़ी करने शिकायतें सामने आती थी। वही कार्यक्रम मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आदिवासी वोटरों के साथ ही महिला और को साधने में लगे रहे। इस दौरान खरगोन जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मंच पर मौजूद रहे।

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आज खरगोन जिले में आयोजित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ एवं ‘पेसा एक्ट जागरूकता’ सम्मेलन में सहभागिता की और विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित कर उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल जी, विधायक श्री सचिन बिरला जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बेटा-बेटियों को समान दर्जा दिलाने के लिए हमने लाड़ली लक्ष्मी बनाई। जिसमें हमने तय किया कि मध्यप्रदेश की धरती पर बेटियों के पैदा होते ही ₹30 हजार खाते में डालेंगे। बेटियों की शादी में कोई तकलीफ न आए, इसके लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनाई और तय किया कि गरीब बेटियों की शादी सरकार करेगी। इसमें हमने आज एक बदलाव किया है और तय किया है कि अब सामान के स्थान पर ₹50 हजार का चेक दिया जाएगा।

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यदि मैं चौथी बार मुख्यमंत्री बना हूँ तो अपनी बहनों की जिंदगी बदलने के लिए बना हूँ। बहनों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए मैंने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना बनाई। यह अपने आप में अद्भुत योजना है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं की जिंदगी बदलने की योजना है। 25 मार्च से गाँव-गाँव में शिविर लगाकर इसके फॉर्म बनाए जाएंगे। शराब पीने से कई तरह के अपराध एवं दुराचार होते हैं इसलिए हमने तय किया है कि मध्यप्रदेश की धरती पर 1 अप्रैल से सारे अहाते बंद कर दिए जाएंगे। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

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पेसा कानून किसी वर्ग के खिलाफ नहीं है। यह कानून जनजातीय समाज के हमारे भाई-बहनों को और सशक्त बनाने का प्रयास है। पेसा नियम केवल पेसा ब्लॉकों में होगा। इसमें हर गांव में हर साल पटवारी और बीट गार्ड को खसरे की नकल रखनी होगी, ताकि किसी की जमीन किसी और के नाम पर हो गई हो, तो पता चल जायेगा। पेसा कानून में हमने तय किया है कि हमारे जनजातीय भाई-बहनों को वनोपज बेचने तथा उसको बेचने का अधिकार होगा। साथ ही उसका मूल्य तय करने का अधिकार भी ग्रामसभा के पास होगा। गांव में शांति और विवाद निवारण समिति बनेगी। छोटे-मोटे झगड़ों, विवादों के लिए थाने जाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही गांव में अगर कोई बाहर से आता है तो उसकी जानकारी भी ग्राम सभा को देना होगी। अधिसूचित गांव में नई शराब, भांग और नशे की दुकान खोलने का अधिकार भी ग्राम सभा को होगा।

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Artical by Aditya
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Sanjay Vishwakarma

संजय विश्वकर्मा (Sanjay Vishwakarma) 41 वर्ष के हैं। वर्तमान में देश के जाने माने मीडिया संस्थान में सेवा दे रहे हैं। उनसे servicesinsight@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। वह वाइल्ड लाइफ,बिजनेस और पॉलिटिकल में लम्बे दशकों का अनुभव रखते हैं। वह उमरिया, मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने Dr. C.V. Raman University जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में BJMC की डिग्री ली है।

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