- शिकायत मिलने पर करेगें कार्यवाही : जिला आबकारी अधिकारी
उमरिया : मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों का आंकड़ा 30 के आसपास पहुँच गया है।सागर जिले में हुए इस हादसे के बाद उमरिया जिले में चिन्हित स्थलों में कच्ची महुआ शराब के ठीहो पर कार्यवाही कर कोरम पूरा कर मामले से इतिश्री कर ली गई है।लेकिन जिले में खुलेआम हो रही अवैध पैकरी को लेकर आबकारी विभाग ने दूरी बनाकर रखी हुई है।जिले में कई ऐसी दुकाने है,जहाँ से खुलेआम पैकरी हो रही है।लेकिन जिले का आबकारी विभाग मामले से ऐसे किनारा करके बैठा है मानो एक तरह की मूक स्वीकृति इस अवैध काम के लिए दे रखी हो।
बढ़ रहा है जिले में अपराध का ग्राफ
उमरिया जिले में समय -समय पर वर्तमान पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस विभाग के द्वारा अवैध पैकारी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही कर ऐसे तमाम लोगो को चेताने का काम किया है,चाहे वो ठेकेदार हो या अवैध पैकरी के पैरोकार हो।नौरोजाबाद नगर में बीते वर्ष हुई कार्यवाही के बाद ऐसे तमाम लोगो के हौसले पस्त हुए थे।इसके साथ ही इस सत्र के शुरुवाती दौर में घुनघुटी में हुई पुलिसिया कार्यवाही के बाद पैकरी पर लगाम लगी थी।
समय गुजरते ही पुनः हौसले बुलंद
ताजा वीडियो उमरिया जिले के करकेली की राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के किनारे स्थित शराब दुकान का है।जहाँ से बाइक में शराब लोड कर खुलेआम पैकारी के लिए निकलने का वीडियो वायरल हो रहा है।मानो पैकारी से जुड़े इन लोगो को पुलिस या किसी भी प्रशाशनिक कार्यवाही का खौफ ही नही है।करकेली के आसपास ग्राम भुंडी, रायपुर बन्नौदा,सेहरा,बसकुटा,रोहनिया,सिलौड़ी,सिंहपमर,मझगवा, अमहा,बाधा, रथेली जैसे कई गांवों में सुबह-सुबह बाइक से शराब पहुचाने का काम किया जाता है।
कौन है पैकारो का सरपरस्त
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किसी पंकज नाम के व्यक्ति ने इन दिनों जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रो में पैकारी का ठेका लेकर रखा हुआ है।सुबह 8 से 9 के बीच शहर के बीचोबीच स्थित दुकान से बाइक के माध्यम से पैकार की टीम बिना रजिस्ट्रेशन की बाइक उठाकर खुलेआम शराब परोशने का काम कर रही है।बताया जा रहा है कि पंकज पर पूर्व में भी एसपी उमरिया के द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई थी।जिस दौरान पंकज महीनों जिले से बाहर था।
क्या सागर जैसी घटना की ताक में प्रशासन
आमतौर पर आबकारी विभाग द्वारा चिन्हित दुकानों से शराब की खरीदफरोख्त होने से भविष्य में होने वाली किसी भी घटना को लेकर आरोपियों को चिन्हित करने में आसानी होती है,लेकिन जब गाँव खेड़े की उन परचून की दुकानों से जहाँ से रोजमर्रा का सामान मिल रहा हो ऐसे में यदि उन दुकानों से शराब की पैकारी होने लगे और ऐसे में यदि इन दुकानों से बेची जानी वाली शराब से यदि कोई जनहानि होती है, तो ऐसी घटनाओं में किसकी जबावदेही तय होगी।
इस मामले में जब जिला आबकारी अधिकारी ममता अहिरवार से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अवैध पैकारी में कोई विभागीय समर्थन हमारा नही रहता है।इस तरह की कोई भी शिकायत जब भी प्राप्त हुई है तो पहले भी हमने कार्यवाही की है,आगे भी कार्यवाही की जाएगी यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है।
सवाल इस बात का है कि जिस विभाग के पास इस काम की जिम्मेदारी है तो क्या यह विभाग सिर्फ इतना कह कर मामलो का पटाक्षेप कर सकता है कि हमे जब शिकायत प्राप्त होगी तभी हम कार्यवाही करेगें।अगर यही रवैया आबकारी विभाग का बना रहा तो शांति के टापू इस उमरिया जिले में अपराध का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता ही चला जाएगा।



