Tusker of bandhavgarh : बांधवगढ़ से गए हुए कॉलर वाले हाथी का आतंक मैहर जिले में दिन ब दिन बढ़ता ही चला जा रहा है। आज 15 सितम्बर की देर रात लगभग 10:00 बजे के आसपास कॉलर वाला हाथी अमरपाटन क्षेत्र में एक गांव में घर की दीवार तोड़कर घर में घुसने का प्रयास किया।
हाथी लगातार उग्र हो रहा है और आए दिन ग्रामीण क्षेत्र की ओर रुख कर रहा है। विश्वत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर मैहर विदिशा मुखर्जी के द्वारा लगातार फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में जिले से लेकर के भोपाल तक के अधिकारियों से बातचीत करके हाथी के रेस्क्यू की मांग की जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला फॉरेस्ट डिपार्मेंट ही लेगा लेकिन लगातार 7 नवंबर से हाथी मैहर जिले में बना हुआ है ऐसे में स्थानीय वन अमला हाथी को कंट्रोल करने में लगभग नाकाम साबित हो रहा है।
गौरतलब है कि 7 नवंबर की रात को हाथी के द्वारा मैहर जिले में एक ग्रामीण को कुचल करके मौत की घाट उतार दिया गया था। उसके बाद लगातार हाथी अमरपाटन क्षेत्र में ही भ्रमण कर रहा है जंगल की ओर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के द्वारा भेजने की कोशिस के बावजूद भी हाथी रहवासी क्षेत्र में आकर आतंक मचा रहा है।
कौन है यह कॉलर वाला हाथी
लगभग 10 साल का टस्कर इसी साल में अप्रैल मई माह के आसपास शहडोल जिले के केसवाही वन परिक्षेत्र से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व टीम के द्वारा रेस्क्यू किया गया था। शहडोल और अनूपपुर के क्षेत्र में इस हाथी ने तीन लोगों को मौत के घाट उतारा था और चौथी घटना इस हाथी के द्वारा मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र में 7 नवंबर को घटित की गई थी। अब तक इस हाथी के द्वारा चार लोगो को मौत घाट उतार दिया गया है। बांधवगढ़ टीम के द्वारा इस हाथी का रेस्क्यू करके Bandhavagarh Tiger Reserve की खितौली core area में कॉलर लगाकर की छोड़ दिया गया था और लगातार इसकी निगरानी की जा रही थी। लेकिन जैसा कि वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नर हाथी जिसे टस्कर कहते हैं यह काफी एग्रेसिव होते हैं और लगभग 10 वर्ष की उम्र के इस हाथी को एक जगह कंट्रोल नहीं किया जा सकता यह हाथी लगातार चलता रहता है।


