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संदेश नाट्यमंच पर जिले के रंगकर्मियों ने लगाए उपेक्षा के आरोप उठे ये बड़े सवाल !

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May 16, 2026 8:07 PM IST

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जिला मुख्यालय उमरिया के सिंधी धर्मशाला में अगले तीन दिनों यानी 17 18 और 19 मई उमरिया के संदेश नाट्यमंच के द्वारा तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन नाट्य समारोह का आयोजन किया जाना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह शिरकत करेंगे। वही नगर के कई संभ्रात नागरिकों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।कार्यक्रम में रीवा और रायगढ़ (छतीसगढ़) के कलाकार अपनी उम्दा प्रस्तुति देंगे।

इस कार्यक्रम को उमरिया जिले के दो राष्ट्रीय स्तर के चर्चित कलाकार स्वर्गीय केशवानंद स्वामी एवं स्वर्गीय आशीष स्वामी को श्रद्धांजलि स्वरुप समर्पित भी किया जा रहा है। यह तो बहुत ही अच्छी बात है कि जिले के ये  दो नाम जिन्हें बिना याद किया कार्यक्रम अधूरा- अधूरा सा ही रह जाता। लेकिन जो कलाकार जिले में मौजूद है उन्हें इस कार्यक्रम से प्रथक रखे जाने का आरोप संस्था पर लग रहे है।

जिला मुख्यालय उमरिया में आयोजित हो रहे इस संदेश नाट्य मंच के बैनर तले जिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उसमें स्थानीय स्तर के कलाकारों की किसी भी तरह से सहभागिता न होना नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस विषय को लेकर के जब कलाकारों से बातचीत की गई तो उन्होंने बहुत ही मायूसी से प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इसलिए जरूरी हो जाता है उन कलाकारों के मनोभाव को आप तक पहुंचाना !

इस मामले में जब हमने जिले के चर्चित रंगमंच कलाकार दुखीलाल दाहिया जिन्हें डीएल के नाम से जाना जाता है उसने बातचीत की गई… एक बात तो छूटी ही जा रही है बातों बातों में डीएल दाहिया दृष्टिबाधित कलाकार है लेकिन जब रंगमंच पर वो अपनी प्रस्तुति देते है तो दर्शक दीर्घा में बैठे लोग दांतों तले अंगुलियां दबा लेते है। डीएल दाहिया ने संदेश नाट्य मंच के 3 दिवसीय कार्यक्रम को लेकर कहा कि जिले में जब संदेश नाट्य मंच से हम काफी दिनों से जुड़े हुए है,हमारे साथ क्षेत्र के कई कलाकार जुड़े हुए है।शुरुआती दिनों में हम लोग आधी-आधी रात तक रिहर्सल करते थे।संदेश नाट्य मंच को खड़ा करने में जिले के कई कलाकारों का योगदान है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह सब काम हमने पंकज जी के नेतृत्व में ही किया है। संदेश नाट्य मंच में दीपम दर्दवंसी और राजा तिवारी जैसे हमारे सीनियरों का भी विशेष योगदान रहा है। उस दौर में हमने भूखे रहकर पैदल चलकर संदेश नाट्य मंच में काफी मेहनत की है। लेकिन जैसे ही संस्था ने एक मुकाम हासिल कर लिया तबसे संस्था स्थानीय कलाकारों को भूल ही गई। संस्था जिन दिनों संघर्ष कर रही थी और जब प्रदेश स्तर के अधिकारी विजिट करने के लिए आते थे कि संस्था आखिर कैसा काम कर रही है तो हम सभी स्थानीय कलाकारों को इकट्ठा करके उनके सामने लाइव परफॉर्मेंस भी देते थे। लेकिन वर्तमान में अब स्थानीय कलाकारों की संस्था में कोई पूछ नहीं है। उमरिया जिले की जनता स्थानीय कलाकारों को देखने उन दिनों आती थी लेकिन आज हम इस उपेक्षा से काफी मायूस हैं।

वही नगर के सुप्रसिद्ध रंगकर्मी दीपम दर्दवंसी ने कहा कि संदेश नाट्य मंच इसी उद्देश्य के लिए बना था कि स्थानीय कलाकरों को एक मंच मिले।लेकिन संदेश नाट्य मंच के इस 3 दिवसीय कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों को महत्व नही दिया गया। यह तो एक महज औपचारिकता ही कही जाएगी क्योंकि हमारे शहर में बाहर के कलाकारों को बुलाया गया, लेकिन जिन रंगकर्मियों ने संस्था को इस मुकाम तक लाने में अपना पसीना बहाया है आज उन कलाकारों की उपेक्षा की जा रही है।

वही जब इस मामले को लेकर रविशंकर तिवारी उर्फ राजा तिवारी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ़ कल्चर चाहे वह भारत सरकार का हो या प्रदेश का संस्कृति विभाग हो वहां से जारी राशि स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए होती है। लेकिन जब जिले में बाहर की आयातित टीमों को बुलाकर के काम कराया जाता है। स्थानिक कलाकारों को तवज्जो नहीं दी जाती है। यह संस्था की अवधारणा के खिलाफ है और स्थानीय कलाकारों का एक तरह का शोषण है। ऐसे सिस्टम का हम विरोध करते हैं।

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