उमरिया : सोशल मीडिया पर जुगाड़ के एक से एक वीडियो और रील वायरल होते रहते हैं। जिन्हें देखने के बाद यह कहने में कोई दो राय नहीं है कि हमारा भारत एक जुगाड़ प्रधान देश है। यहां लोग हर एक मुश्किल काम को अपने अनोखे जुगाड़ और क्रिएटिविटी से आसान और बहुत ही अनोखा बना देते हैं। हाल में इसका एक जीता-जागता उदाहरण इस वक्त सोशल मीडिया पर बखूबी देखने को मिल रहा है। जहां उमरिया जिले में पालीटेक्निक कालेज के एक दर्जन छात्रों ने मिलकर अपने जुगाड़ के दम पर एक पुरानी साइकिल को इलेक्ट्रिक बाइक में बदल दी।
पॉलिटेक्निक के छात्र शैलेंद्र सिंह बताते हैं कि हम 12 छात्रों ने मिलकर के इस प्रोजेक्ट पर काम किया है। इस प्रोजेक्ट को बनाने में हमें 18 से 20000 का खर्चा आया है। मार्केट में मिलने वाली आई साइकिल और हमारे साइकिल में रेट का काफी अंतर है। कम खर्च में हमने गुणवत्तापूर्ण ई सुकिल बनाई है।
पॉलिटेक्निक के छात्र अनिकेत तिवारी बताते हैं कि इमसें बीएलडीसी मोटर,कंट्रोलर,रिवर्स गेयर जैसे कंपोनेंट लगाए गए है।बताया जा रहा है कि यह साइकिल 1.5 घण्टे की चार्जिंग के बाद 45 किलोमीटर का सफर तय करती है।इस साइकिल में हॉर्न के साथ-साथ लाइट और बैक गियर भी है।यही नही इस साइकिल की बैटरी अगर चलते-चलते खत्म भी हो जाए तो पैडल मारने पर बैटरी पुनः चार्ज होने लगती है।यह साइकिल 150 किलो वजन कैपिसिटी की है।
पॉलिटेक्निक कॉलेज उमरिया प्राचार्य अतुल बाजपेई बताते हैं कि हमारे संस्थान में आज एक प्रोजेक्ट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। जिसमें फाइनल के विद्यार्थियों के द्वारा यह प्रोजेक्ट बनाया गया है।


