Bandhavgarh News : जंगल का एक ही कानून है ‘सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट’ जंगल के अंदर जो फिट है वही हिट है।खितौली कोर ज़ोन में इन दिनों 6 वर्षीय बाघ D1 का टेरिटोरियल साम्राज्य दिनों-दिन बढ़ता ही चला जा रहा है।कुछ वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स की माने तो इन दिनों बांधवगढ़ के खितौली कोर ज़ोन में टाईगर D1 का लगभग 70 प्रतिशत भाग में कब्जा है।
क्या है आज कि घटना
दरअसल आज सुबह-सुबह बांधवगढ़ प्रबंधन ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत खितौली परिक्षेत्र की पश्चिम बगदरी बीट के ढमढमा कैंप के सुरक्षा श्रमिकों द्वारा बाघों के लड़ने की आवाज सुनी गई है।जिसके उपरांत गश्ती दल के द्वारा ढमढमा क्षेत्र की सघन छानबीन और गश्ती के दौरान एक बाघ मृत अवस्था में मिला है।वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा किए गए प्राथमिक परीक्षण में प्रथम दृष्ट्या बाघ की मृत्यु आपसी संघर्ष से होना पाया गया है। बाघ के शरीर पर हमले के निशान है तथा प्रथम दृष्टया समस्त अंग मौके पर सुरक्षित पाए गए है।
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किसके बीच हुई फाइटिंग
दरअसल Tiger Pujari के मौत की पटकथा डेढ़ वर्ष पहले ही पहले लिखी जा चुकी थी।बाघ पुजारी इस यदा कदा ही खितौली में देखा गया है।बताया जा रहा है कि Tiger D1 ने Tiger Pujari को कई महीनों पहले चैलेंज कर दिया था।इस कारण Tiger Pujari पनपथा बफर की ओर रुख कर चुका था। इस पर्यटन सत्र में यह Tiger Pujari एक दो बार ही खितौली कोर ज़ोन में दिखा है।
इधर बाघिन तारा पर भी Tiger D1 से मेटिंग का प्रेशर था इस कारण उसने भी खितौली कोर ज़ोन को छोड़ पनपथा बफर का रास्ता चुन लिया था। जानकर बताते है कि पुजारी और तारा दोनों कई बार एक साथ देखे भी गए है।
कौन है बाघ D1
बाघिन डॉटी का बेटा D1 क्षेत्र विस्तार के मामले में बहुत ही महत्वकांक्षी बाघ बताया जाता है।अपने उम्र के शुरुआती दौर में यह बाघ मगधी कोर ज़ोन में पाया जाता था।लेकिन कुछ समय बात यह धमोखर बफर में दिखने लगा लेकिन समय गुजरा और इसने खितौली कोर ज़ोन का रुख कर लिया।खितौली में आते ही इसने सबसे पहले बाघ छोटा भीम को चुनौती दे डाली। हालांकि आपको बीते डेढ़ दो वर्ष पूर्व बाघ छोटा भीम गले मे फंदा लगने से भोपाल में उसकी ईलाज के दौरान मौत हो गई।लेकिन छोटा भीम के जंगल से हटते ही Tiger D1 के हौसले और बुलन्द हो गए।वैसे तो छोटा भीम और टाइगर पुजारी दोनों भाई है।दोनों दर्राह फीमेल की संतान बताए जा रहे है।पुजारी की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष थी लेकिन टाइगर D1 इन दिनों अपनी प्राइम ऐज यानी लगभग 6 वर्ष का है।जानकर बताते है कि अब खितौली कोर जोन के 70 % क्षेत्र को अपनी टेरिटरी बनाने वाला इकलौता बाघ है।
क्यों हुई टेरिटोरियल फाइट
मिली जानकारी के अनुसार टाइगर पुजारी बीते एक दो दिनों से बाघिन तारा के साथ मेटिंग में था।मेटिंग पीरियड में बाघ काफी अग्रेसिव मूड में रहते हैं।मेटिंग के दौरान ही बाघ D1 मौके पर आ धमका यह बात पुजारी को नागवार गुजरी दोनों में जमकर फाइट हुई है।इस फाइट में बाघ पुजारी की मौत हो गई है।
क्यों पड़ा था पुजारी नाम
बांधवगढ़ में वैसे पर्यटन क्षेत्र में दिखने वाले हर बाघ की कॉलर आइडी है।जिस नाम से वो जाने जाते है।लेकिन बांधवगढ़ में कई ऐसे फेमस बाघ है जो अपने विशेष क्षेत्र,स्वभाव और विशिष्ट पहचान के कारणों से स्थानीय नामों से भी जाने जाते है।ऐसे ही पुजारी नाम पड़ने के पीछे भी एक बड़ी कहानी है।
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दरअसल यह टाईगर रात भर अपने टेरिटोरियल क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद सुबह-सुबह खितौली वन परिक्षेत्र में स्थित मुड़रहा तालाब में सुबह-सुबह स्नान करने के बाद तालाब में एक ही एक पेड़ के पास हाथ जोड़े बैठा दिखाई देता था तो कभी उस पेड़ से लिपट जाता था।इस कारण गाइड टीम ने बाघ का नाम पुजारी रलहा दिया था। जो काफी फेमस टाइगर बना।


