करीब डेढ़ माह पूर्व ग्राम मरदर हार स्थित खेत के पास बंधवा नाला अंतर्गत अंधे हत्या प्रकरण का खुलासा-उमरिया पुलिस की सतत एवं सुनियोजित कार्यवाही से अंधी हत्या के सभी आरोपी गिरफ्तार
घटना का विवरण:
थाना कोतवाली उमरिया में मर्ग क्रमांक 23/2026 धारा 194 BNSS के अंतर्गत मृतक मन्नू सिंह पिता शिवराज सिंह उम्म्र 60 वर्ष निवासी ग्राम मरदर की मृत्यु की जांच की गईी दिनांक 20.03.2026 को मृतक का शव ग्राम मरदर हार स्थित उसके खेत के पास बंधवा नाला किनारे साजा पेड़ के पास कंबल से ढका हुआ पाया गया। घटनास्थल निरीक्षण के दौरान शव से लगभग 50 मीटर दूरी पर रक्तरंजित पत्थर तथा खेत स्थित मड़ईया के पास रक्तयुक्त मिट्टी/अवशेष जप्त किए गए। साक्षियों के कथनों से ज्ञात हुआ कि मृतक को अंतिम बार दिनांक 18.03.2026 को शाम लगभग 05:00 बजे खेत में जीवित देखा गया था। सूचना मिलने पर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया। प्राप्त पीएम रिपोर्ट अनुसार मृतक की मृत्यु गला घोंटने एवं कठोर एवं भोंथरी वस्तु से प्रहार एवं बहु-चोटों के कारण होना पाई गई। समस्त तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि अज्ञात आरोपियों द्वारा हत्या कर साक्ष्य छुपाने हेतु शव को नाला किनारे कंबल से ढक दिया गया। इस प्रकार थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 112/26 धारा 103(1), 238 (ए) भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस के प्रयास
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए घटना दिनांक से ही पुलिस द्वारा सतत, योजनाबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही की गई। पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री विजय भागवानी के निर्देशन, अति. पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री सीताराम के मार्गदर्शन एवं एस.डी. ओ.पी. उमरिया श्री पी. एस. परस्ते के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली श्री मदन लाल मरावी एवं उनकी टीम द्वारा अज्ञात आरोपियों को चिन्हित करने एवं उनकी गिरफ्तारी के निरंतर प्रयास किए गए।
अनुसन्धान के दौरान मुखबिर सूचना, तकनीकी साक्ष्य, घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण एवं क्षेत्र के व्यक्तियों से लगातार संपर्क एवं पूछताछ के माध्यम से महत्वपूर्ण सुराग एकत्र किए गए। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उन पर सतत निगरानी रखी गई, जिससे प्रकरण के खुलासे में सफलता प्राप्त हुई।
ऐसे हुआ घटना का खुलासा
जांच के दौरान ग्राम मरदर निवासी एक व्यक्ति से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई कि दिनांक 18.03.2026 की रात्रि में वह अपने ट्रैक्टर से दीनदयाल सिंह के साथ लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव के ही विनोद सिंह एवं मनोज सिंह मिले, जिन्होंने दीनदयाल को अपने साथ ले जाकर मरदर हार की ओर ले गए। प्राप्त सूचना के आधार पर विनोद सिंह एवं दीनदयाल सिंह को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गयी तो दोनों ने क्रमशः बेंगलोर और जयपुर होना बताया और पुलिस को गुमराह करते रहे परन्तु तकनीकी साक्ष्य, कड़ाई से पूछताछ के आधार पर घटना करना स्वीकार किया तथा तीसरे आरोपी मनोज सिंह ने भी अपराध किया जाना स्वीकार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीनों ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से मृतक के खेत में जाकर झाड़-फूंक करवाने के बहाने अवसर पाकर डंडों से हमला कर, गला दबाकर मन्नू सिंह की हत्या कर दी तथा शव को कंबल से ढककर नाले के पास छोड़ दिया।
हत्या कारित करने का कारण- प्रकरण में प्रत्येक आरोपी के अलग-अलग व्यक्तिगत संदेह एवं रंजिश
सामने आयी है
- अभियुक्त विनोद सिंह निवासी ग्राम मरदर- दिनांक 18.03.2026 को उसके रिश्तेदार के पुत्र के बीमार होने पर उसे संदेह हुआ कि बीमारी मृतक मन्नू सिंह द्वारा झाड़-फूंक टोनही के कारण हुई है। पूर्व में भी उसके पिता को लडईया (सियार) द्वारा काटे जाने की घटना, जिसमें अभियुक्त को यह शक था कि मृतक ने जादू टोना करके सियार से कटवाया है। इसके अलावा बिनोद सिंह के पिता ने नया ट्रेक्टर लिया था, ट्रेक्टर लेने के बाद रात मे अभियुक्त विनोद के घर के पास किसी ने कटा हुआ मुर्गा, धूप अगर बत्ती बगैरह से पूजा की थी तब भी शक गया था की यह काम मन्नू सिंह ने किया है ताकि उसको ट्रेक्टर से कोई लाभ बगैरह ना मिले, इस प्रकार घर के पास पूजा संबंधी गतिविधियों को लेकर मृतक पर संदेह करता था। उक्त कारणों से मृतक के प्रति उसके मन में पूर्व से रंजिश एवं शंका थी।
- अभियुक्त दीनदयाल सिंह निवासी ग्राम मरदर वर्ष 2024 में उसके पिता श्याम सिंह की मृत्यु के संबंध में उसे संदेह था कि मृतक मन्नू सिंह का उसमें हाथ है। साथ ही गांव में खेर दाई पूजा के दौरान अभियुक्त की दादी को शक्ति आई थी और दादी बघवा जैसी हरकतें कर रही थी, तब इसके पिता ने मन्नू से कहा था कि मां को ठीक कर दो नहीं तो बहुत मार खाओगे। इस बात को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके कारण वह मृतक के प्रति शंका एवं द्वेष रखता था।
- अभियुक्त मनोज सिंह निवासी ग्राम मरदर- के पिता भी झाड़-फूंक का कार्य करते हैं। मृतक मन्नू सिंह उसी कार्य में संलग्न होने से प्रतियोगिता की स्थिति थी, जिसे समाप्त करने की मंशा आरोपी द्वारा व्यक्त की गई। इसके साथ ही इस अभियुक्त ने स्वयं के परिवार को मृतक मन्नू सिंह द्वारा झाड-फूक से परेशान करना बताया है। इन्हीं कारणों से तीनों आरोपियों ने पूर्व नियोजित योजना के तहत हत्या की घटना कारित की है।
इस प्रकार थाना कोतवाली पुलिस द्वारा तत्परता, सतत मेहनत एवं सूझबूझ से कार्यवाही करते हुए अंधे हत्या प्रकरण का सफल खुलासा कर 0.3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रकरण का खुलाशा करने वाली टीम SDOP उमरिया पी. एस. परस्ते, थाना प्रभारी कोतवाली मदन लाल मरावी, उप निरीक्षक भूपेंद्र पंत, सहायक उप निरीक्षक बी. एल. सिंह, सउनि विनोद प्रजाति, प्रधान आरक्षक प्रकाश पटेल, प्र.आर. महेश साहू, प्र.आर. सरवन, प्र.आर. अजय शर्मा, प्र.आर. कमलेश, प्र.आर. अशोक, आर. आशीष, आर. रमेश, आर. रामचरण, साइबर सेल से आरक्षक संदीप व सुनील ।


